जम्मू। शहर में जेडीए की 82 हजार कनाल जमीन है। इसमें से 52 हजार कनाल जमीन पर अतिक्रमण है। अतिक्रमण के कारण कई बड़े प्रोजेक्टों पर काम रुका पड़ा है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण हटाया भी है। वहीं, कुछ जगहों पर अभियान के दौरान विवाद होने के चलते कार्रवाई रोकनी पड़ी है। अब फिर से जेडीए अभियान शुरू करेगा। पहले प्राइम लोकेशन से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके बाद अन्य जगहों पर कार्रवाई होगी। इसके लिए शेड्यूल बनाया जा रहा है।
शेड्यूल के हिसाब से अभियान निर्धारित जगहों पर चलेंगे। जेडीए के अनुसार नगर निगम की अरबों रुपये की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। इसे छुड़ाने के लिए अब कार्रवाई होगी और यहां पर प्रोजेक्टों का निर्माण किया जाएगा। मौजूदा समय में रूपनगर, वीरपुर, मुट्ठी समेत अन्य हाउसिंग कॉलोनी में भी काम रुका पड़ा है। उधर, लंबे समय से प्रोजेक्टों के लिए आया पैसा लैप्स हो गया है। सिद्दड़ा, मझीन, फ्लायं मंडाल समेत अन्य जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है।
जेएमसी की जमीन पर भी अतिक्रमण
नगर निगम जम्मू की जमीन पर भी अतिक्रमण लोगों ने किया है। कहीं पर दुकानें बना डाली हैं, तो कहीं पर घरों का निर्माण हुआ है। बाजारों में भी जेएमसी की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
सख्ती से खाली करवाया जाएगा जमीन
हजारों कनाल जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। पहले भी अभियान चलाए, लेकिन इस बार सख्ती से जमीन को खाली करवाया जाएगा। शहर में जमीन को चिन्हित कर लिया गया है। यहां पर प्रोजेक्टों का निर्माण करवाया जाएगा।
- पंकज मंगोत्रा, वीसी, जेडीए
नहीं होने दिया जाएगा अतिक्रमण
नगर निगम की जमीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इस बारे में नोटिस भी जारी किए गए हैं। समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
- अतुल गुप्ता, सचिव, नगर निगम
तवी रिवर फ्रंट के निर्माण में 650 से ज्यादा घर रोड़ा
तवी रिवर फ्रंट के निर्माण पर काम जोरों पर चल रहा है। वहीं, नदी किनारे अतिक्रमण काम में फिर चुनौती बन सकता है। मौजूदा समय में नगर निगम द्वारा करवाए गए सर्वे में 650 से ज्यादा घर अवैध पाए गए हैं। यह जमीन सरकारी है, लेकिन लोगों ने कब्जा कर मकान या फिर दुकानें बना ली हैं। अब आने वाले तीन से चार माह के अंदर अवैध निर्माणों को गिराया जा सकता है। भूमि का प्रयोग तवी रिवर फ्रंट के किनारों में बनने वाक-वे, शॉपिंग कांप्लेक्स समेत अन्य निर्माण में लाया जाएगा। तवी के तीसरे पुल से नगरोटा तक नदी किनारे बने घर अवैध हैं।
हाउंसिंग बोर्ड की जमीन पर अतिक्रमण, नहीं शुरू हो रहे प्रोजेक्ट
हाउंसिंग बोर्ड की जमीन पर अतिक्रमण है। 20 हजार कनाल जमीन पर काम शुरू नहीं हो रहा है। हाल ही में गोल मार्केट में बीस कनाल जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। इसके बाद गांधी नगर और आसपास इलाकों में नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि अभी तक इन पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। हाउंसिंग बोर्ड ने हाउसिंग कालोनी बसाने के लिए अब सरकार से जमीन देने की मांग की है।