गांव शेर-ए-चक में रास्ते पर अतिक्रमण का समाधान नहीं कर पा रहे तहसीलदार
ग्रामीणों ने कहा, राजस्व विभाग पर जरूर किसी प्रकार का दबाव है
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ तहसील के गांव शेर-ए-चक में रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का एक दल मंगलवार को तहसीलदार सुचेतगढ़ निर्भय शर्मा से मिला। उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने दो दिन में मुद्दे को हल करने का आश्वासन दिया था। परंतु, अब तक सात दिन बीत चुके हैं, और अभी तक उसके ऊपर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। अब तहसीलदार ने एक सप्ताह का समय और मांगा है।
ग्रामीणों ने कहा है कि राजस्व विभाग तारीख पर तारीख दे रहा है। वह लोगों की समस्या को सुलझाने में बिल्कुल रुचि नहीं रखता। अतिक्रमण वाली भूमि पर राजस्व विभाग का अधिकारी अपना बोर्ड लगाने गया था, लेकिन बोर्ड नहीं लगा पाया। ऐसा लगता है कि राजस्व विभाग पर कोई दबाव है, जिसके चलते वह इस मुद्दे को हल नहीं कर पा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि वह बुधवार को एसीआर जम्मू हरविंदर सिंह से मुलाकात करेंगे और रास्ते की बहाली को लेकर पूरा रिकॉर्ड उनके समक्ष पेश करेंगे। साथ ही सुचेतगढ़ और अरनिया तहसील के कर्मचारियों द्वारा अभी तक जो भी कार्रवाई की गई है, उसका भी लेखा-जोखा बताएंगे। ताकि, विभाग के आला अधिकारियों को भी पता चले कि जमीनी स्तर पर ग्रामीण कितने परेशान हैं, और उनकी समस्या विभाग से हल नहीं होती।
ग्रामीण मनोहर लाल ने बताया कि राजस्व विभाग इस मुद्दे पर महज औपचारिकता निभा रहा है। मुद्दे को बहुत बड़ा अखाड़ा बनाया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। इसके बारे में आला अफसरों को अवगत करवाया जाएगा और सुचेतगढ़ व अरनिया तहसील के कर्मचारियों के काम करने का तरीका भी बताया जाएगा। ग्रामीण दर्शन लाल ने कहा कि राजस्व विभाग अपनी जमीन वापस लेने में नाकाम साबित हो रहा है। उसके कर्मचारियों पर कोई दबाव सा प्रतीत होता है।