उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में 60 घंटे तक चली मुठभेड़ में लश्कर के दो आतंकियों को सुरक्षा बलों ने रविवार को मार गिराया। मुठभेड़ में घायल सीआरपीएफ के एक जवान ने रविवार को दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के पांच जवान शहीद हो गए। फिलहाल सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुठभेड़ स्थल से हथियार, गोला-बारूद समेत अन्य सामग्री बरामद हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के लिए सामग्री को रिकॉर्ड में ले लिया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हंदवाड़ा के बाबागुंड इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 28 फरवरी की रात नौ बजे घेराबंदी की गई। लगभग पांच घंटे बाद आतंकियों से आमने-सामने के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने एक मकान को विस्फोटक से उड़ा दिया। उन्हें लगा कि आतंकी मारे गए, लेकिन जब वह मलबे को साफ करने पहुंचे तो आतंकी मलबे के नीचे से निकले और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। नौ जवान घायल हो गए, जिसमें से चार ने उसी दिन दम तोड़ दिया।
शनिवार को भी मुठभेड़ जारी रही। रविवार को एक बार फिर नए सिरे से ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें दो आतंकियों को ढेर करने में सफलता हाथ लगी। पुलिस के अनुसार मारे गए आतंकियों में एक पाकिस्तान का था, जिसकी शिनाख्त कबूल्ला के रूप में हुई है। दूसरा ब्रथ सोपोर का इशफाक था। प्रवक्ता ने बताया कि सीआरपीएफ के जवान शाम नारायण सिंह यादव (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश)जो शुक्रवार को मुठभेड़ में घायल हो गए थे, ने रविवार को दम तोड़ दिया।
इसके साथ ही मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों की संख्या पांच हो गई। दो सीआरपीएफ कर्मी-इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह व कांस्टेबल विनोद कुमार और दो पुलिस कर्मी नसीर अहमद और गुलाम मुस्तफा बराह शुक्रवार को ही शहीद हो गए थे। हिंसक झड़पों के दौरान क्रास फायरिंग में नागरिक वसीम अहमद मीर की भी मौत हो गई थी।