पुलिस को पहले से सूचना थी कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजहिदीन के आतंकी एक साथ मिलकर किसी बड़े फिदायीन हमले को अंजाम देने की फिराक में हैं। जानकारी यह भी थी कि आतंकी वर्ष 2019 में पुलवामा के लेथपोरा इलाके में सीआरपीएफ के काफि ले पर किए गए आत्मघाती हमले की तर्ज पर हमले को अंजाम देने की साजिश में हैं।
पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने कार में आईईडी लगाकर आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रची है। इसी को लेकर बुधवार शाम को पुलवामा पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के जवानों ने नाका लगाया था।
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इस दौरान कार सवार आतंकी नाके के पास पहुंचे, जिसे सुरक्षाबलों ने रुकने का इशारा किया। इस दौरान कार में सवार आतंकियों ने भगाने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी फरार हो गए। वीरवार सुबह गाड़ी को इंटरसेप्ट किए जाने के बाद सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की टीम द्वारा तकनीकी रूप से निष्क्रिय बनाया गया।