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Doda Encounter : डोडा में मुठभेड़, सेना के कैप्टन सहित चार जवान बलिदान, हमले के बाद सियासी पारा चढ़ा

Tue, 16 Jul 2024 05:22 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

Doda Encounter : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक वन क्षेत्र में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान जवानों ने दम तोड़ दिया। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
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डोडा में मुठभेड़ - फोटो : साकिव नबी
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विस्तार
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दहशतगर्द जम्मू-कश्मीर में लगातार शांति भंग करने की फिराक में हैं। जम्मू संभाग के जिला डोडा के देसा वन क्षेत्र में सोमवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई। देर रात तक चली मुठभेड़ में कैप्टन सहित चार जवान वीर गति को प्राप्त हो गए। बीते आठ दिनों में ये दूसरी आतंकी वारदात है। इससे पहले कठुआ के पहाड़ी क्षेत्र बदनोता में आतंकियों ने घात लगाकर सैन्य वाहन पर हमला किया था। इसमें पांच जवान बलिदान हो गए थे। ऑपरेशन के बाद से सियासी पारा चढ़ गया है। जम्मू में कई जगह प्रदर्शन हुए हैं। राजनीतिक नेताओं ने हमले की निंदा की है।

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डोडा में मुठभेड़ के दौरान सैन्य अधिकारी समेत चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। घायलों की गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान बहादुर पांच जवानों ने दम तोड़ दिया। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर रखी है। घटना स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भेजा गया है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है। आंतकियों की तलाश की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया मुठभेड़ तब शुरू हुई जब राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के जवानों ने शाम करीब 7.45 बजे देसा वन क्षेत्र के धारी गोटे उरारबागी में संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।
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सेना की ह्वाइट नाइट कोर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना और पुलिस की ओर से डोडा के उत्तर में सामान्य क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान जारी था। रात लगभग 9 बजे आतंकियों से संपर्क स्थापित हुआ, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई। अतिरिक्त सैनिकों को इलाके में भेजा गया।

ये हुए बलिदान

  • कैप्टन बृजेश थापा, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
  • नायक डी राजेश, आंध्र प्रदेश
  • सिपाही बिजेंद्र,  झुंझुनूं, राजस्थान
  • सिपाही अजय सिंह, झुंझुनूं, राजस्थान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ANI
बलिदानियों को जम्मू में की पुष्पांजलि अर्पित

डोडा ऑपरेशन में बलिदान हुए जवानों को जम्मू में पुष्पांजलि अर्पित की गई। केंद्रीय मंत्री डी कृष्ण रेड्डी, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पुलिस और सेना के उच्च अधिकारियों ने बलिदानियों को पुष्पांजलि अर्पित की। यहां चारों जवानों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव में रवाना किया जाएगा। 
 


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख से डोडा हमले पर ली जानकारी

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से बात की। सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को जम्मू-कश्मीर के डोडा में जमीनी हालात और चल रहे ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। 

सैनिक आतंकवाद के अभिशाप को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, 'डोडा (जम्मू-कश्मीर) में आतंकवाद विरोधी अभियान में हमारे बहादुर और साहसी भारतीय सेना के जवानों के शहीद होने पर मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। राष्ट्र हमारे उन सैनिकों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। आतंकवाद विरोधी अभियान जारी हैं और हमारे सैनिक आतंकवाद के अभिशाप को खत्म करने और क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
 

सेना प्रमुख ने वीर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और भारतीय सेना के सभी रैंक के अधिकारियों ने डोडा में बलिदान हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। सेना ने अपने संदेश में कहा, 'कैप्टन बृजेश थापा, नायक डी राजेश, सिपाही बिजेंद्र और सिपाही अजय के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए डोडा में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। भारतीय सेना इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।'
 

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : डीपीआईआर, जम्मू कश्मीर
सैनिकों के बलिदान का बदला जल्द लेंगे- उपराज्यपाल

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डोडा मुठभेड़ में बलिदान हुए सेना और पुलिस के जवान के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सैनिकों की शहादत का बदला जरूर लेंगे।

उपराज्यपाल ने कहा, 'डोडा जिले में हमारे सेना के जवानों और जेकेपी कर्मियों पर हुए कायरतापूर्ण हमले के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। हमारे देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि। शोक संतप्त परिवारों के सदस्यों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'

कहा, 'हम अपने सैनिकों की मौत का बदला लेंगे और आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करेंगे। मैं लोगों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने और हमें सटीक जानकारी प्रदान करने का आह्वान करता हूं ताकि हम आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज कर सकें और आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र का अंत कर सकें।'
 

आतंकी हमले को लेकर महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख को बर्खास्त करने की मांग

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आतंकी हमले को लेकर जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख आरआर स्वैन को बर्खास्त करने की मांग कर दी है। उन्होंने गृहमंत्री और रक्षामंत्री से मामले का कड़ा संज्ञान लेने की बात कही है।

महबूबा ने कहा, 'कोई जवाबदेही नहीं है। अब तक तो सभी के खिलाफ कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। डीजीपी को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था। पिछले 32 महीनों में करीब 50 सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है... मौजूदा डीजीपी राजनीतिक रूप से चीजों को ठीक करने में व्यस्त हैं। उनका काम पीडीपी को तोड़ना, लोगों और पत्रकारों को परेशान करना और लोगों को धमकाना है...

उन्होंने आगे कहा, '...सत्यापन को हथियार बना दिया गया है। वे अधिकतम लोगों पर यूएपीए लगाने के तरीके खोज रहे हैं... हमें यहां किसी फिक्सर की जरूरत नहीं है, हमें डीजीपी की जरूरत है। हमारे पास पहले भी दूसरे राज्यों से डीजीपी आए हैं और उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। किसी ने भी सांप्रदायिक आधार पर काम नहीं किया है, जैसा कि अब किया जा रहा है।'
 


केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जवानों के बलिदान पर जताया दुख

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, 'मेरे लोकसभा क्षेत्र के जिला डोडा के देसा इलाके में सशस्त्र मुठभेड़ की खबरों से मैं बहुत व्यथित हूं। हमारे वीर जवानों की शहादत पर शोक व्यक्त करने और निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। आइए हम सब मिलकर दुश्मन के नापाक इरादों को परास्त करें और शांति और सद्भाव बनाए रखें जिसके लिए डोडा हमेशा से जाना जाता रहा है।'

आतंकी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने ली हमले की जिम्मेदारी

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहीदीन के मुखौटा गुट कश्मीर टाइगर्स ने डोडा हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि अभी सेना और पुलिस की तरफ से इस पर लेकर बयान सामने नहीं आया है।

बीते दो महीनों में जम्मू कश्मीर में कब-कब हुई आतंकी वारदात
  • जून 09- रियासी में बस आतंकी हमला, दस नागरिक मारे गए, पचास करीब घायल
  • जून 11- कठुआ के सैडा सोहल में आतंकी हमला, एक सीआरपीएफ जवान बलिदान, दो पाकिस्तानी आतंकी ढेर,
  • जून 11- डोडा की तहसील भद्रवाह के छत्रगलां में एक एसपीओर सहित पांच जवान घायल
  • जून 12- डोडा के गंडोह में आतंकियों के साथ मुठभेड़, पुलिस कर्मी घायल
  • जून 26- डोडा के गंडोह में मुठभेड़, तीन आतंकवादियों का खात्मा
  • जुलाई 08- कठुआ के बदनोता में आतंकी हमला, पांच जवान बलिदान, पांच घायल
  • जुलाई 09- डोडा के भद्रवाह में मुठभेड़, भाग निकले आतंकी
  • जुलाई 15- डोडा के देसा में मुठभेड़, एक कैप्टन सहित चार जवान घायल

आतंकियों से बरामद हथियार - फोटो : साकिव नबी
रविवार को मारे गए थे तीन आतंकी 

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में 24 घंटे पहले ही रविवार को सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। मारे गए तीनों आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। नियंत्रण रेखा के पास हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी बड़े हमले की तैयारी में थे। लेकिन इससे पहले पुलिस औ र सेना के सतर्क जवानों ने उनके नापाक इरादों को मिट्टी में मिला दिया।

ऑपरेशन धनुष को मिली बड़ी सफलता

आतंकवादियों का इरादा जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करना था। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 268 ब्रिगेड केरन सेक्टर के कमांडर बीटीआईजी एन एल कुर्कर्णी ने बताया कि ऑपरेशन धनुष की एक महत्वपूर्ण सफलता है। इसमें कुपवाड़ा पुलिस के साथ एक संयुक्त प्रयास में केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ के प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।

बरामद हुए भारी हथियार
ऑपरेशन में तीन एके-47 राइफल, चार पिस्तौल और छह हथगोले सहित हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान-मार्क वाली सिगरेट और खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।

कुलगाम में पिछले सप्ताह मारे गए थे छह आतंकी

आतंकियों के सफाये के लिए सुरक्षा बल बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। कुलगाम जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में पिछले सप्ताह सुरक्षाबलों ने छह आतंकियों को मार गिराया गया था।
 

आतंकी हमलों में वृद्धि

जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में आतंकी हमलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ ली थी, उसी दिन दहशतगर्दों ने रियासी में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हमला किया था। इससे बस खाई में गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई थी। आतंकियों की ओर से 9 से 11 जून के बीच चार हमले किए गए हैं।
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कठुआ में पांच जवान हुए बलिदान
इसके बाद जुलाई महीने की शुरुआत में, 8 जुलाई को कठुआ के बदनोटा इलाके में सेना के गश्ती दल पर भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह ने घात लगाकर हमला किया था। हमले में पांच जवान बलिदान हो गए थे।
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