दरबार मूव के साथ सचिवालय व अन्य दफ्तरों की अंतिम टीम श्रीनगर रवाना होने के साथ ही शहर के कई क्षेत्रों में किराए के मकान खाली हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि सचिवालय के आसपास के क्षेत्रों में दरबार के ज्यादातर कर्मचारी पिछले छह माह से किराए के मकानों में रह रहे थे।
उनके श्रीनगर रवाना होने से रिहाड़ी, पक्का डंगा, रेजीडेंसी रोड, सरवाल, बख्शी नगर, गांधी नगर, नानक नगर जैसे इलाकों में ज्यादातर मकान खाली हो गए हैं।
रिहाड़ी इलाके में प्रापर्टी डीलर का काम करने वाले एक शख्स का कहना था कि ज्यादातर सचिवालय कर्मी मकान खाली कर जाते हैं, जबकि कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो पूरे साल भर का किराया देते हैं।
ताकि अगले साल आने पर उन्हें मकान ढूंढने के लिए मशक्कत न करनी पड़े। इसके अलावा छह माह में वह जब भी जम्मू आते हैं तो उन्हें रहने की कोई असुविधा नहीं होती।
वहीं दुकानदारों का कहना है कि छह माह तक उनका कारोबार कुछ बढ़ जाता है, लेकिन दरबार मूव के साथ उनके कारोबार में भी कमी आ जाती है। खासकर दूध, राशन या खानपान के सामानों के कारोबार पर इसका असर देखने को मिलता है।