अखनूर। जलशक्ति विभाग के डेलीवेजर कर्मचारी को सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग की तरफ से न तो सम्मान मिला और न ही विभाग की तरफ से पेंशन सहित अन्य सुविधाएं। कर्मचारियों में सरकार और जलशक्ति विभाग के प्रति रोष है।
अखनूर डिवीजन के कर्मचारी की आयु 60 वर्ष होने पर विभाग अधिकारी सेवानिवृत्त कर रहे हैं। कर्मचारी को बिना किसी नोटिस और बताए बगैर निकाल दे रहे हैं। हालांकि विभाग के कर्मचारी 30 साल से तैनात हैं। मगर सरकार द्वारा स्थायी करने की आस में सेवानिवृत्त हो गए। इस साल मार्च से अब तक अखनूर में 30 कर्मचारियों को आयु पूरी होने पर निकाल दिया। डेलीवेजर कर्मचारियों को अवगत कराया गया सेवानिवृत्त की आयु हो गई। हालांकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का कई माह का वेतन भी बकाया है।
30 साल कार्यरत रहने पर सेवानिवृत्त हुए अजीत सिंह ने बताया पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य किया है। सरकार ने स्थायी नहीं किया। जबकि सेवानिवृत्त की आयु पुरी होने के बावजूद न तो पेंशन मिली और न ही बकाया वेतन। उन्होंने बताया हमें अपने हक के लिए कोर्ट में जाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेेंगे।
सेवानिवृत्त अशोक कुमार ने बताया कि इतने साल से कार्य करने पर विभाग ने बेेरुखी से विदा किया। मासिक वेतन और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही। जलशक्ति विभाग के एक्सईएन ब्रह्मा ज्योति ने बताया विभाग की तरफ से सेवानिवृत्त को पेंशन मिलने की व्यवस्था नहीं है, जबकि बकाया मिलेगा।