- उड़ी व तंगधार के लोगों ने उठाई मांग, बोले- हमेशा रहते हैं पाकिस्तान के निशाने पर
- पाकिस्तानी गोलाबारी में घायलों को इलाज के लिए ले जाना पड़ा था बारामुला व कुपवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब अस्पतालों की इमरजेंसी सुविधाओं को अपग्रेड करने की मांग स्थानीय लोगों ने की है। उनका कहना है कि यहां के लोग हमेशा पाकिस्तान के निशाने पर रहते हैं। आपात स्थिति में मरीजों को जिला अस्पताल में रेफर किया जाता है। कई बार इलाज मिलने में देरी हो जाती है। इस कारण मौत हो जाती है।
उड़ी के सज्जाद अहमद ने कहा कि हाल की गोलाबारी में एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए बारामुला ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर उड़ी के उप जिला अस्पताल में सुविधा होती तो मरीजाें को बारामुला ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती। स्थानीय मोहम्मद सिदिक ने कहा कि गोलाबारी में ही नहीं, बल्कि हमेशा बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए।
तंगधार के लियाकत अली ने कहा कि इस बार भीषण गोलाबारी हुई है। कुछ लोगों को एसडीएच कुपवाड़ा इलाज के लिए भेजना पड़ा। इसलिए हमारी मांग है कि यहां नजदीक अस्पताल को इस लायक अपग्रेड किया जाए कि आपातकालीन स्थिति संभाल सके। उन्होंने कहा कि हालांकि उमर अब्दुल्ला ने एसडीएच कुपवाड़ा में अपने दौरे के दौरान दावा किया है, लेकिन उसपर अमल होना चाहिए।
बता दें कि हाल ही में अपने दौरे के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि सीमावर्ती क्षेत्रों के अस्पतालों को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा और आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुसज्जित किया जाएगा।