वादा करके पलट चुकी है पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश की सरकार
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने लोगों से 300 यूनिट निशुल्क बिजली देने का वादा किया था। इस वादे पर सरकार भी बना ली गई। एक महीना पहले ही सरकार को अपने वादे से पलटना पड़ गया। सरकार ने 300 यूनिट वाली योजना रद्द कर दी। हिमाचल प्रदेश में 300 यूनिट बिजली के इस्तेमाल पर 6 रुपये प्रति यूनिट देना पड़ता है। हिमाचल को निशुल्क बिजली देने से एक हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।
राजस्थान में गले की फांस बन गई बिजली योजना
राजस्थान में गहलोत सरकार लोगों को 100 यूनिट निशुल्क बिजली देती रही है। इस वजह से राज्य में बिजली कंपनियों का घाटा एक लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। राजस्थान में 300 यूनिट से ऊपर बिजली 7.65 रुपये प्रति यूनिट मिलती है। ये योजना अब सरकार के गले की फांस बनती जा रही है।
बड़ा सवाल...जब बिजली पैदा ही नहीं हो रही तो देंगे कहां से
प्रदेश में बिजली पैदा करने के स्रोत कम हैं। जो हैं, उनका भी सही से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जिस प्रदेश में पहले से 5 से 6 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बिजली की है, वहां निशुल्क बिजली देने का वादा कैसे पूरा होगा। हमने अपने पड़ोसी राज्य पंजाब और राजधानी दिल्ली का हाल देखा है। वहां निशुल्क बिजली तो है, लेकिन 4 से 5 घंटे ही मिलती है। -प्रोफेसर प्रकाश अंथल, अर्थशास्त्री, जम्मू यूनिवर्सिट
पंजाब में बिजली की दरें
शून्य से 100 यूनिट - 4 रुपये 29 पैसा
101-300 यूनिट -6 रुपये 6 पैसा
300 यूनिट से ऊपर -7 रुपये 75 पैसा
हर महीने 300 यूनिट निशुल्क बिजली
बोझ- हर महीने 4 हजार करोड़
दिल्ली में बिजली दर
200 यूनिट- 3 रुपये
200 से 400 यूनिट-4 रुपये 50 पैसा
यूनिट निशुल्क-200
बोझ- हर महीने 3535 करोड़
जम्मू-कश्मीर बिजली दर
99 यूनिट तक- 1 रुपये 20 पैसा
100-199 यूनिट -1 रुपये 90 रुपये
200 यूनिट से ऊपर- 4 रुपये
बोझ- हर महीने 5 से 6 हजार करोड़