जम्मू। लोकतंत्र के महापर्व में शुक्रवार को दूसरे चरण के जम्मू संसदीय सीट पर हुए मतदान में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बना। दिन चढ़ने के साथ हर घंटे में वोट प्रतिशत बढ़ने के साथ राजनीतिक खेमे में धड़कनें भी तेज होती रहीं। दोपहर तक लोकतंत्र के पर्व को मनाने का जोश चरम पर था। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें शाम तक रहीं।
शहर के मतदान केंद्रों पर सुबह छह बजे ही विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंट, नेता और कार्यकर्ता पहुंच गए थे। मतदान केंद्रों के बाहर स्टाल लगाकर मतदाताओं का इंतजार किया गया। सुबह सात बजे मतदान प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें कई उत्साहित मतदाता पहला वोट डालने के लिए पहुंचे। इनमें ऐसे भी कई मतदाता थे, जो सुबह जल्दी मतदान करके अपने कारोबार के लिए निकल गए। हालांकि अधिकांश बाजार मतदान के कारण बंद रखे गए थे। शहर के लगभग सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी सर्विलांस लगाया गया था, जिससे पोलिंग बूथ के भीतर की सारी गतिविधियां कैद की गईं। प्रत्येक पोलिंग बूथ पर सुरक्षाकर्मियों के साथ पोलिंग स्टाफ तैनात था। जैसे जैसे दिन आगे बढ़ता गया मतदान को लेकर जोश भी बढ़ा। दोपहर को लगभग सभी पोलिंग स्टेशनों पर मतदाताओं की कतारें लगी हुई थीं। क्या युवा क्या बुजुर्ग हर कोई लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल होने के लिए पहुंचा था। दोपहर को गर्मी के बावजूद मतदाताओं का जोश कम होते नहीं दिखा। कई बूथों पर लंबा इंतजार करके मतदाताओं को अपना मत देना पड़ा। मतदाताओं की यह भी शिकायत थी कि ईवीएम प्रक्रिया में अधिक समय लगाया जा रहा था, जिससे उन्हें ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
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मतदाता सूची में नाम न होने पर कई नाराज दिखे
जम्मू।
शहर के विभिन्न पोलिंग बूथों पर मतदाता सूचियों में अपना नाम न होने पर कई मतदाता नाराज दिखे। जुल्लाका मोहल्ला (जम्मू ईस्ट से) के एक मतदान केंद्र पर पहुंची कांता गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके घर पर 10 दिन पहले वोटर कार्ड के लिए कुछ लोग आए थे, उन्हें सारे दस्तावेज भी दिए थे, लेकिन आज जब वह मतदान के लिए पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है जबकि पिछले चुनाव में उन्होंने मतदान किया था। इसी तरह की मतदाताओं की शिकायतें अन्य कई पोलिंग बूथों पर भी रहीं।