जम्मू। शहर में अप्रैल तक एक लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। दस माह में मात्र 40 फीसदी ही काम हो पाया है। निर्धारित समय सीमा अप्रैल अप्रैल में पूरी होगी लेकिन दो माह में 60 फीसदी कार्य के पूरे होने पर संशय है। इसका मुख्य कारण धीमी गति से हो रहा काम है।
चिन्हित जगहों में भी काम पूरा नहीं हो पाया है। हालाकि स्मार्ट बिजली पोल लगाने पर भी काम देरी से आरंभ हुआ था। अब काम पूरा होने के बाद स्मार्ट मीटर लगाने पर काम तेज होगा।
अप्रैल 2021 से लेकर अप्रैल 2022 तक शहर में एक लाख मीटर लगाए जाने थे। इससे बिजली चोरी पूर पतरह से अंकुश लगना था। वहीं, बिजली कारपोरेशन ने काम करवा रही एजेंसी को भी काम तेज गति से निपटाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक शहर में चालिस प्रतिशत तक ही काम हो पाया है। साठ प्रतिशत तक पूरा किया जाना है। इसके बाद दूसरे चरण में काम शुरू होना है। इसके लिए भी सर्वे पूरा कर लिया गया है।
अभी तक हुए काम से रुकी बिजली चोरी
स्मार्ट मीटर शहर में बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक हुए कवर्ड वायर डालने के काम के बाद बिजली चोरी रुकी है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद शहर में लाइन लॉस 58 प्रतिशत से शून्य में आएगा। इससे कारपोरेशन के राजस्व में बढ़ोतरी होनी है। मौजूदा समय में जम्मू जिला में छह करोड़ रुपये की बिजली प्रतिमाह दी जाती है, जबकि इससे राजस्व हर माह 160 करोड़ के आसपास ही आ पाता है। बाकि बिजली का कोई पता नहीं है कि कहां पर खर्च हुई है।
स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज गति से चलेगा। इस बारे में संबंधित एजेंसी को अवगत करवाया गया है। खंभे लगाने पर काम जारी है, जिसे पूरा कर लिया जाएगा।
- पीडी सिंह, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन