- जम्मू विवि में लेखन कार्यशाला, संस्कृति से रचनात्मकता तक पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विभाग और अनुवाद क्लब उत्साह ने बुधवार को एक दिवसीय लेखन कार्यशाला का आयोजन किया। राइटिंग आवर जम्मू : फ्रॉम कल्चर टू क्रिएटिविटी, जम्मू दी कहानी, जम्मू दी जुबानी शीर्षक से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को अपनी भाषाओं में जम्मू की सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक कहानियां लिखने के लिए प्रेरित करना था।
इसमें प्रतिभागियों को स्थानीय संस्कृति और व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर जिम्मेदार लेखन की बारीकियां सिखाई गईं। कार्यक्रम में प्रदीप दत्ता और नवीन नवाज मुख्य अतिथि रहे जबकि लेखक विक्रम सिंह और कर्नल अजय रैना ने विशेषज्ञ के रूप में मार्गदर्शन दिया। प्रदीप दत्ता ने छात्रों से कहा कि सच्ची कहानी जमीन से जुड़ी होती है और उसमें मानवीय भावनाएं होनी चाहिए। नवीन नवाज ने स्थानीय भाषाओं में सोचने और डोगरा इतिहास पढ़ने की सलाह दी। मनु खजूरिया ने ईमानदार कहानी कहने और स्थानीय कथाओं को संरक्षित रखने की जरूरत बताई। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने इसे सीखने और रचनात्मक अभिव्यक्ति का उपयोगी मंच बताया।