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Jammu News: छुट्टियों का एक माह भी बीता, स्कूलों में नहीं पहुंचीं नई किताबें

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पुरानी पुस्तकों के सहारे पढ़ रहे बच्चे, दुकानों पर भी पूरा स्टॉक उपलब्ध नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो



जम्मू। विंटर जोन के स्कूलों में सर्दी की छुट्टियों का एक माह बीत चुका है, लेकिन बच्चों को नई किताबें उपलब्ध नहीं हुई हैं। बिना किताबों के पढ़ाई करना बच्चों के लिए चुनौती और अभिभावकों के लिए परेशानी बन गया है।



सर्दी की छुट्टियों से पहले वार्षिक परीक्षाएं हुई थीं। छुट्टियां होने तक स्कूलों में पुस्तकें नहीं पहुंचीं थीं, जिनकी दरकार अब भी है। स्कूल शिक्षा बोर्ड बच्चों तक पुस्तकें पहुंचाने में विफल रहा है। विंटर जोन में जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिले के सभी स्कूल आते हैं। उधमपुर, कठुआ, रियासी, पुंछ और राजोरी जिले के कुछ जोन के स्कूल आते हैं। इन जिलों के स्कूलों में अभी तक नई पुस्तकें नहीं मिली हैं। हालांकि मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने बोर्ड को पत्र लिखकर पुस्तकों की मांग की है। यही हाल बोर्ड से पंजीकृत किताबों की दुकानों में भी है। दुकानों में बोर्ड की सभी पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। विक्रेता बोर्ड से लगातार पुस्तकें मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि विंटर जोन के स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को बीते साल दस दिसंबर तो कक्षा छह से 12वीं तक 16 दिसंबर से सर्दियों की छुट्टियां हुई थीं। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि बोर्ड 85 के करीब पुस्तकों के टाइटल का प्रकाशन करवाता है। दिल्ली से अधिकांश पुस्तकों का प्रकाशन होता है। अभी तक कुछ टाइटल का ही प्रकाशन हुआ है। जनवरी अंत तक सभी जिलों को पुस्तकें दी जाएंगी।
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स्कूल शिक्षा बोर्ड से अभी तक पूरी पुस्तकें नहीं मिली हैं। नौवीं और दसवीं की कुछ विषयाें की पुस्तकें हमारे पास नहीं हैं। बोर्ड के अधिकारियाें से इस संबंध में बता हुई है, लेकिन पुस्तकें देने में आज-कल का समय दिया जा रहा है। अभिभावक हमारे पास आ रहे हैं।
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हर्ष गुप्ता, प्रधान, पक्का डंगा ट्रेडर एसोसिएशन

बीच सत्र में व्यवस्था बदली गई थी, जिसके चलते अभी तक पुस्तकें मुहैया नहीं करवा पाए हैं। लेकिन, इस माह तक बच्चों तक पुस्तकें पहुंचा दी जाएंगी। बाजारों में स्कूल शिक्षा बोर्ड की पुस्तकें उपलब्ध हैं और लोग इन्हें खरीद भी रहे हैं।
सुदर्शन कुमार, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड जम्मू-कश्मीर
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