- बीमारी, सुरक्षा और शादी के आधार पर तबादले के आवेदनों की जांच के लिए अलग-अलग कमेटियां
- तबादले के फैसले से असंतुष्ट कर्मचारी भी रख सकेंगे अपनी बात, पहले हुई कार्रवाई की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शिक्षकों के तबादलों से जुड़े आवेदनों और शिकायतों की जांच के लिए शिक्षा विभाग ने दो अलग-अलग कमेटियां बनाई हैं। एक कमेटी बीमारी, सुरक्षा और शादी के आधार पर तबादले के लिए आए आवेदनों की जांच करेगी। दूसरी कमेटी तबादले से जुड़ी शिकायतों को देखेगी। वह जांच करेगी कि शिकायत पर पहले क्या कार्रवाई हुई और क्या फैसला तय नियमों के अनुसार लिया गया था।
बीमारी, सुरक्षा और शादी के आधार पर तबादले के आवेदनों की जांच के लिए दो स्तरों पर कमेटियां बनाई गई हैं। लेक्चरर, हेडमास्टर, जोनल एजुकेशन ऑफिसर (जेडईओ) और प्रिंसिपल के मामलों की जांच प्रदेश स्तर पर बनी कमेटी करेगी। इसकी अध्यक्षता स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष या अतिरिक्त सचिव करेंगे। वहीं, मास्टर और शिक्षकों के आवेदनों की जांच जम्मू या कश्मीर के शिक्षा निदेशालय स्तर पर बनी कमेटी करेगी। इसकी अध्यक्षता संबंधित शिक्षा निदेशक करेंगे। कमेटियां जांच के दौरान देखेंगी कि तबादले के लिए आवेदन करने वाला कर्मचारी तय नियमों के अनुसार पात्र है या नहीं। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज हैं या नहीं और संबंधित जगह पर पद खाली है या नहीं। बीमारी के आधार पर तबादले के मामले में जरूरत पड़ने पर सरकारी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की राय ली जाएगी। ये कमेटियां हर शैक्षणिक सत्र में कम से कम दो बार बैठक करेंगी।
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तबादले की शिकायतों की भी होगी जांच
विभाग ने तबादलों से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए प्रदेश स्तर पर अलग कमेटी बनाई है। यह कमेटी तय प्रक्रिया के तहत उसके पास भेजी गई शिकायतों को देखेगी। इसमें यह जांच की जाएगी कि कर्मचारी की शिकायत पर स्कूल या जिला स्तर पर क्या कार्रवाई हुई और क्या फैसला तबादला नीति के नियमों के अनुसार लिया गया था। कमेटी शिकायत में उठाए गए मुद्दों और पहले हुई कार्रवाई की जांच के बाद अपनी सिफारिश संबंधित अधिकारी को भेजेगी। इसके बाद अधिकारी मामले में आगे का फैसला लेगा।