- साइंस से स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत 60 विद्यार्थियों और पांच शिक्षकों ने किया संस्थान का दौरा
- विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। विज्ञान की पढ़ाई को प्रयोग और रोजगार से जोड़ने की दिशा में सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (आईआईआईएम) जम्मू ने जीडीसी कारगिल के विद्यार्थियों के लिए विशेष एक्सपोजर कार्यक्रम करवाया। फ्रॉम साइंस टू स्टार्टअप्स थीम पर हुए कार्यक्रम में 60 विद्यार्थी और पांच शिक्षक शामिल हुए। विद्यार्थियों को शोध, तकनीकी नवाचार और अपने विचारों को स्टार्टअप में बदलने के अवसरों से रूबरू कराया गया।
सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू और सीएसआईआर-एनबीआरआई लखनऊ के निदेशक डॉ. जबीर अहमद ने कहा कि विज्ञान का उद्देश्य केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित रहना नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का समाधान तलाशना भी है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। सही अवसर और आधुनिक सुविधाएं मिलें तो दूरदराज के युवा भी शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
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कक्षा से लैब और स्टार्टअप तक
बायोनेस्ट आईआईआईएम टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर के प्रधान अन्वेषक डॉ. सौरभ सरन ने विद्यार्थियों को बताया कि कक्षा में पढ़े जाने वाले विज्ञान का इस्तेमाल शोध प्रयोगशालाओं और औद्योगिक प्रक्रियाओं में कैसे होता है। उन्होंने पौधों से उत्पाद तैयार करने, उनके प्रसंस्करण और सक्रिय यौगिकों की पहचान में आधुनिक उपकरणों की भूमिका समझाई। साथ ही, उच्च शिक्षा और शोध के अलावा वैज्ञानिक विचारों को व्यावसायिक उद्यम में बदलने की संभावनाओं पर चर्चा की।
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एरोमा मिशन से आजीविका के अवसर
एरोमा मिशन की नोडल अधिकारी डॉ. सुफला बी. गुप्ता ने सुगंधित पौधों की खेती, प्रसंस्करण और उत्पाद विकास में विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। जीडीसी कारगिल के सहायक प्रो. मोहम्मद रजा ने कहा कि ऐसे अनुभव विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर शोध की वास्तविक दुनिया समझने में मदद करते हैं। उन्होंने कारगिल में भी ऐसा कार्यक्रम आयोजित करने की संभावना जताई। विद्यार्थियों ने संस्थान की सीजीएमपी सुविधा, किण्वन केंद्र और टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर का दौरा किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रमाणपत्र वितरित किए गए।