- जेयू में चेतें दी लड़ी कार्यक्रम, डोगरी के साथ नई पीढ़ी का नाता जोड़ने पर जोर
- कुंवर वियोगी की कविताओं और सॉनेट का पाठन, तीन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डोगरी भाषा तभी आगे बढ़ेगी, जब युवा इसे पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक दुनिया में भी जगह देंगे। डोगरी को नई पीढ़ी की सोच और पसंद से जोड़ने की जरूरत है। यह बात वीरवार को जम्मू विश्वविद्यालय में हुए चेतें दी लड़ी कार्यक्रम में वक्ताओं ने कही। कार्यक्रम में कुंवर वियोगी की रचनाओं को याद करने के साथ तीन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी दी गई।
विवि के डोगरी विभाग और कुंवर वियोगी मेमोरियल ट्रस्ट ने 11वें कुंवर वियोगी उत्सव के तहत कार्यक्रम करवाया। पद्मश्री मोहन सिंह की अध्यक्षता में हुए सत्र में डॉ. आशु शर्मा और डॉ. रुचि शर्मा ने कुंवर वियोगी के साहित्य पर शोध पत्र पढ़े। विद्यार्थियों और शोधार्थियों अजय सिंह, नितिश कुमार और हीना चौधरी ने उनकी कविताओं और सॉनेट का पाठ किया। विधायक देवयानी राणा ने कहा कि युवाओं को अपनी भाषा और साहित्य से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम में एमए डोगरी के सत्र 2023-25 के टॉपर दलीप सिंह और नीरू देवी को छात्रवृत्ति दी गई। अंग्रेजी विभाग की टॉपर जसमीन कौर को भी छात्रवृत्ति मिली। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन रिसर्च स्टडीज प्रो. नीलू रोहमेत्रा ने की।
-