- जेयू में 40 शोधार्थी सीख रहे अमीनो एसिड और कोशिकाओं की जांच
- पौधों की बढ़त और तनाव को समझने के साथ फसल सुधार के शोध में भी काम आएंगी तकनीकें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पौधों में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को समझने के लिए शोधार्थी आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल सीख रहे हैं। जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) के वनस्पति विज्ञान विभाग में मंगलवार को अमीनो एसिड की जांच और फ्लो साइटोमेट्री पर दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसमें विवि और उससे जुड़े संस्थानों के करीब 40 शोधार्थी और शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं।
प्रशिक्षण में प्रतिभागी इन मशीनों पर खुद काम कर रहे हैं। उन्हें मशीन चलाने के साथ उससे मिलने वाली जानकारी को समझने और शोध में इस्तेमाल करने की जानकारी दी जा रही है। वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. सुशील वर्मा ने बताया कि दिल्ली के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार विशेषज्ञ के तौर पर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
अमीनो एसिड की जांच से पौधों की बढ़त और अलग-अलग परिस्थितियों में उनमें होने वाले बदलाव को समझने में मदद मिलती है। फ्लो साइटोमेट्री से पौधों की कोशिकाओं में होने वाले बदलावों की जानकारी मिलती है। इन तकनीकों का इस्तेमाल पौधों के विकास, तनाव और फसल सुधार से जुड़े शोध में किया जा सकता है। कार्यक्रम का उद्घाटन जीवन विज्ञान संकाय के डीन और उधमपुर परिसर के रेक्टर प्रो. यशपाल शर्मा ने किया। उन्होंने शोध में आधुनिक तकनीक के साथ उसके व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी को जरूरी बताया।