दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत करते सेवानिवृत्त मेजर जनरल बी के शर्मा और लेफ्टिनेंट जनरल आ
- सेवानिवृत्त मेजर जनरल बीके शर्मा और लेफ्टिनेंट जनरल आरके शर्मा ने दिया व्याख्यान
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के सामरिक और क्षेत्रीय अध्ययन विभाग की ओर से शुक्रवार को जनरल जोरावर सिंह स्मृति जन व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय चीन की मानसिक युद्ध प्रणाली, उसके प्रभाव और भारत की प्रतिक्रिया रहा।
मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त मेजर जनरल बीके शर्मा ने कहा कि चीन प्रचार, सूचना तंत्र और आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई तरह की युद्ध प्रणाली गढ़ रहा है। युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों की सोच और धारणा को प्रभावित करना भी अहम हिस्सा बन गया है। चीन अपनी एकदलीय व्यवस्था के जरिये प्रचार तंत्र, सूचना प्रणाली, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं पर पूरा नियंत्रण रखता है। उन्होंने शिनजियांग और तिब्बत का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में स्थानीय पहचान को प्रभावित और धार्मिक नेतृत्व को बदनाम करने के प्रयास किए गए। भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि चीन मानसिक स्तर पर बढ़त बनाने की कोशिश करता रहा है जबकि भारत तीनों सेनाओं के तालमेल और पांच सूत्री रणनीति के माध्यम से इसका सामना कर रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल आरके शर्मा ने की। संबोधन में उन्होंने कहा कि चीन तिब्बत और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों को लेकर लगातार रक्षात्मक भाषा का प्रयोग करता रहा है जबकि उसके कदम अलग तस्वीर पेश करते हैं। ऐसे में भारत के लिए हर स्तर पर सतर्कता और तैयारी जरूरी है। इससे पहले विभाग के निदेशक प्रो. वीरेंद्र कौंडल ने स्वागत भाषण में विभाग की भूमिका, भारत की सामरिक सोच और जनरल जोरावर सिंह की विरासत पर प्रकाश डाला। व्याख्यान में शिक्षक, रक्षा विशेषज्ञ, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने मानसिक युद्ध से जुड़े सवाल रखे, जिन पर वक्ताओं ने विस्तार से जवाब दिए।