फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों को छुट्टी के बाद शाम को अब निरक्षरों के लिए लगेगा स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बच्चों के साथ अब बड़े भी पढ़ना-लिखना सीखेंगे। प्रदेश में सभी नागरिकों को साक्षर करने के लिए पढ़ना-लिखना अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके लिए समग्र शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें 15 वर्ष के ऊपर के निरक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें स्वयंसेवी शिक्षक के माध्यम से साक्षर किया जाएगा। इसमें उन लोगों को शामिल किया जाएगा, जो कभी स्कूल नहीं गए। फिलहाल सांबा और कुपवाड़ा जिले में सबसे पहले योजना शुरू की जाएगी, अभी 40 हजार लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 10 हजार सांबा जिले और 30 हजार कुपवाड़ा जिले के निरक्षर लाग चुने जाएंगे।
विज्ञापन

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार समग्र शिक्षा के तहत टीम बनाई जाएगी, जो निरक्षर लोगों के बीच पढ़ने-लिखने का ज्ञान बांट उनके जीवन में साक्षरता का उजियारा लाएंगे। इस अभियान में छात्र-छात्रा, सेवानिवृत्त शिक्षक और साक्षरता कर्मी भाग लेंगे। स्वयंसेवी शिक्षक को कोई वेतन मानदेय नहीं दिया जाएगा। हालांकि बेहतर काम करने वाले स्वयंसेवियों को समय-समय पर प्रोत्साहन के लिए सम्मानित किया जाएगा। ऐसे में स्वेच्छा से कार्य करने वाले छात्र, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं साक्षरता कर्मियों को ही इस कार्य से किस तरीके से जोड़ा जाए, इस पर काम किया जा रहा है।
निरक्षरों को साक्षर करने के लिए स्कूलों में उन्हें पढ़ाई करवाई जाएगी। स्कूल बंद होने के बाद शाम के समय इन लोगों को पढ़ाया जाएगा। इस अभियान में महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं वंचित कमजोर तबके के लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन

--------
इस अभियान पर तेजी से काम किया जा रहा है और इसकी शुरुआत कुछ ही दिनों में की जाएगी। अभी फिलहाल सांबा और कुपवाड़ा जिले से पढ़ना-लिखना अभियान की शुरूआत की जा रही है। जिसे बाद में जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा और निरक्षरों को साक्षर किया जाएगा, ताकि कोई भी ऐसा व्यक्ति न रहे जो पढ़ाई-लिखाई से दूर रहे।
विज्ञापन

- डॉ. अरुण मन्हास, निदेशक समग्र शिक्षा विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें