जम्मू शहर के कई निजी स्कूलों में एडवांस फीस का खेल चल रहा है। नियमों के विपरित जाकर प्रबंधन अभिभावकों को परेशान कर रहे हैं। मजबूरी में अभिभावकों को पैसे जमा करवाने पड़ रहे हैं, क्योंकि अगर तय समयावधि में एडवांस फीस नहीं दी तो लेट फीस के तौर पर बड़ा शुल्क देना पड़ेगा। ऐसे में स्कूलों की मनमानी अभिभावकों के लिए परेशानी बन चुकी है। अधिकांश स्कूलों में लूट का जाल ऐसे बुना गया है कि बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए अभिभावकों का फंसना तय है।
निजी स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही किताबें, वर्दी, वार्षिक फीस जैसे बड़े खर्च से अभिभावकों को गुजरना पड़ रहा है। इसके अलावा मनमाना परिवहन शुल्क जेब को और ढीली कर रहा है। अब मामला फीस एडवांस का सामने आया है, जहां स्कूल एक साथ तीन से लेकर चार महीने की फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर दबाव डाल रहे हैं। जबकि नियमों के तहत निजी स्कूलों को मासिक आधार पर फीस लेनी होती है।
जीवन नगर बबलियाना में शौर्या इंटरनेशनल स्कूल और केसी इंटरनेशनल सहित अन्य स्कूलों पर एक साथ तीन से चार महीने की फीस लेने का आरोप है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक बच्चे के अभिभावक ने कहा कि केसी इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं कक्षा में बेटा पढ़ता है। स्कूल प्रबंधन ने चार महीने की अग्रिम फीस जमा करवाने के लिए कहा था। दस अप्रैल अंतिम तिथि थी, लेकिन पैसे नहीं होने के कारण फीस जमा नहीं करवा सका। अब लेट फीस के साथ फीस देनी पड़ रही है। स्कूल प्रबंधन मासिक आधार पर फीस नहीं ले रहा। बच्चे की मासिक फीस पांच हजार रुपये है, जो चार महीने की 20 हजार रुपये बनती है।
नए सत्र में वार्षिक शुल्क, किताबें, वर्दी जैसे खर्च होता है। ऐसे में एक साथ चार महीने की फीस देना किसी भी अभिभावक के लिए मुश्किल से कम नहीं है। स्कूल प्रबंधन अगर मासिक आधार पर शुल्क लें तो अभिभावकों को राहत मिलेगी। वहीं, इस संबंध में केसी इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन से बात करनी चाही तो फोन का जवाब नहीं दिया गया। बात होते ही उनका पक्ष जाना जाएगा।