ज्यौड़ियां। खौड़ के हायर सेकेंडरी स्कूल ढखर में स्टाफ की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावक बच्चों को स्कूल ने निकाल कर दूसरे स्कूल में दाखिल कराने को मजबूर हैं। अभिभावकों के अनुसार वह शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं। इसके बावजूद स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
गांव बरडोह निवासी सुरेश शर्मा ने बताया कि हायर सेकेंडरी स्कूल ढखर के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां स्टाफ की कमी है, और बच्चों को शिक्षा नहीं मिल रही, जिससे क्षेत्र के बच्चों का जीवन अंधकारमय बनता दिखाई दे रहा है। सुरेश कुमार ने बताया कि स्कूल में पांच लेक्चरर, दो मास्टर, एक टीचर के अलावा सीनियर असिस्टेंट, जूनियर असिस्टेंट, लैब असिस्टेंट लैब बियरर, नॉन टीचिंग स्टाफ तथा अंग्रेज़ी विषय के लेक्चरर का पद पांच साल से खाली है।
पंच पुरुषोत्तम लाल ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई कोविड के चलते पहले से ही मुख्तसर है। उनहोंने बताया कि बच्चे हमें कई बार बता चुके हैं कि वर्ष 2018 के बाद से स्कूल में अंग्रेजी विषय का लेक्चरर नहीं है, जिससे हमें भी लग रहा है कि हमारे बच्चों का भविष्य अंधकार की तरफ जा रहा है, लेकिन क्या करें हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल ढखर में तीन पंचायतों के लगभग 300 बच्चे पढ़ाई करने के लिए आते हैं। शिक्षा विभाग से हम सब स्टाफ की कमी को जल्द पूरा करने की मांग करते हैं, अगर शिक्षा विभाग की तरफ से जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो हम ग्रामीणों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
-रीनू शर्मा, सरपंच, पंचायत बट्टल
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हमारा क्षेत्र पहाड़ी और दूर-दराज का होने की वजह से प्रशासन इस स्कूल की अनदेखी कर रहा है। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग को इस तरफ से गंभीरता दिखानी चाहिए।
-मगों देवी, सरपंच, पंचायत बरढोह
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क्षेत्र से पहले भी हमें फोन आ चुके हैं। हमने इस विषय में निदेशक शिक्षा विभाग जम्मू को अवगत करा दिया है। साथ यह अनुरोध भी किया है कि स्कूलों के रिक्त पदों जल्द भरा जाए, आश्वासन मिला है कि इस दिशा में जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सुरेश सिंह राठौर, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जम्मू