उत्तर भारत सहित नेपाल में फिर से भूकंप के झटके लगने से दहशत फैल गई। बाहरी राज्यों और उत्तर भारत में बसे जम्मू के लोगों के रिश्तेदारों ने अपनों को संपर्क करना शुरू कर दिया। दिनभर लोग अपने सगे संबंधियों का हाल पूछते रहे। दो हफ्तों में आए दूसरी बार इस बड़े झटके ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। भूकंप की तीव्रता 7.1 होने के कारण जोरदार झटका लगा। दरअसल, पिछली बार के भूकंप की तीव्रता में कोई खास अंतर नहीं।
पिछली बार 7.9 की तीव्रता से भूकंप आया। जम्मू में वर्ष 2005 के दौरान आए भूकंप की तीव्रता 7.6 थी। तब करीब तीन मिनट तक धरती ढोलती रही। हालांकि राज्य में इसका कोई असर नहीं दिखा। जानकारी के अनुसार उत्तर भारत और नेपाल के हजारों लोग जम्मू में काम करने आए हुए हैं। जो भूकंप के बाद अपने परिवार से संपर्क करने के लिए व्याकुल दिखे। पिछली बार की तरह इस बार भी मोबाइल सेवा ने काम करना बंद कर दिया।
मिनी नेपाल में फिर दिखा खौफ
शहर के मिनी नेपाल कहे जाने वाले गोरखा नगर में एक बार फिर भूकंप का खौफ दिखा। नेपाल में गोरखा नगर के हजारों लोग रहते हैं। नेपाल से कई लोग गोरखा नगर में रह रहे हैं। गोरखा नगर में रहने वाली वरिष्ठ समाजसेवी लीला जंबाल ने बताया कि नेपाल में पिछले दिनों आए भूकंप में यहां रहने वाले दो युवक वहां फंस गए थे। हालांकि बाद में इनके सही सलामत होने की सूचना मिल गई।