बेमौसम बारिश के किसानों को दिए जख्मों पर जल्द ही मरहम लगाया जाएगा। अगले एक हफ्ते में कृषि विभाग किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट पूरी कर लेगा और इसके लिए केंद्र से पैकेज मांगा जाएगा, ताकि किसानों को मुआवजा दिया जा सके। हालांकि इस कार्य में देरी होने से किसान संगठनों में रोष है और उन्हें सरकार से कोई खास उम्मीद नहीं।
किसान संगठनों का मानना है कि बारिश ने दो दिन में तबाही कर डाली थी और सरकार दो दिनों की तबाही का दो महीने में भी आकलन नहीं कर पा रही। सब कुछ जानते हुए भी सरकार अंजान बनी हुई है। कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत करते हुए बताया कि जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में बेमौसम की बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
कुछ जगहों पर 100 फीसदी फसल नष्ट हो चुकी है। किसानों को हर हाल में मुआवजा दिया जाएगा। पिछले दो महीने से विभाग इस पर काम कर रहा है। इसमें राजस्व विभाग की मदद से रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अगले एक हफ्ते तक रिपोर्ट तैयार होगी और इसके आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। केंद्र से फसलों के हुए नुकसान की बात कर ली गई है। रिपोर्ट तैयार होने पर केंद्र पैसा जारी कर देगा।
कोई उम्मीद नहीं
कृषि उद्यमिता किसान संगठन के प्रधान कुलभूषण खजुरिया का कहना है कि दो महीने पहले किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया था। दो दिन में ही तबाही हो गई थी और अब तक सरकार ने इसकी रिपोर्ट तैयार नहीं की। सरकार रिपोर्ट तैयार करने के बाद कई महीने मुआवजा देने में लगाएगी और मुआवजा भी किसानों को पूरा नहीं मिलेगा, क्योंकि अभी पिछली फसलों के नुकसान का मुआवजा ही नहीं मिला।