20 किमी. तक बढ़ गई रफ्तार, प्रदेश में हाल में 60 से 80 किमी. की रफ्तार से चल चुकी है हवा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मौसम की बदलती प्रवृति से आपदा चुनौतियां बढ़ रही हैं। सामान्य मौसम और सीमित समय में भी अचानक चलने वाली तेज हवा तबाही मचाने का काम कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में आंधी की रफ्तार 20 किलोमीटर तक बढ़ गई है। पहले सामान्य 30 से 40 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी जारी की जाती थी, लेकिन अब रफ्तार 50 से 60 किमी. तक बताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक तापमान से लो प्रेशर स्थल अधिक बन रहे हैं, जिससे सामान्य पश्चिमी विक्षोभ भी उक्त क्षेत्रों में पहुंचकर अधिक सक्रिय होकर तेज हवा के साथ तबाही मचाते हैं। हाल में जम्मू और कश्मीर के कई हिस्सों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें 60 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली थी। प्रदेश में मौजूदा समय में मैदानों के साथ पहाड़ तप रहे हैं। कई पहाड़ी इलाकों में सात से चार दशक तक के तापमान के रिकार्ड टूट रहे हैं। इससे ऐसे क्षेत्रों में भी लो प्रेशर का खतरा बढ़ा है।
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डाॅ. मुख्तियार अहमद का कहना है कि लो प्रेशर क्षेत्र में सामान्य पश्चिमी विक्षोभ भी अधिक सक्रिय हो जाते हैं, हालांकि यह सीमित समय तक होते हैं, लेकिन इसमें तेज हवा और मूसलाधार बारिश अधिक प्रभावित करती है। वैश्विक स्तर पर जम्मू-कश्मीर में भी विभिन्न कारणों से मौसम में बदलाव आ रहा है। इसमें सीजनल बारिश, बर्फबारी देरी से हो रही है। इसका प्रभाव अगले महीनों में दिखता है। इसके लिए हरियाली, वातावरण का संतुलित होना जरूरी है।
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दोपहर 12 से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से करें परहेज
प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को दिन में 12 से तीन बजे के बीच अधिक गर्म रहने वाले समय में आउटडोर गतिविधियों से परहेज करने को कहा है। साथ ही पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को धूप में नहीं निकलने दें। अधिक तापमान में खुले में खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर ओआरएस का गोल लें।