जीएमसी के मेडिसन के वार्ड नौ में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक के बाद तीन मरीजों को ग्लूकोज के साथ लगाई गई ड्रिपसेट से रिएक्शन हो गया। इनमें एक बुजुर्ग मरीज की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ा।
रिएक्शन के बाद मरीजों में दहशत इस कदर थी कि परिवार वाले अपने मरीजों के इलाज के लिए ग्लूकोज और अन्य दूसरी चीजें बाजार से ही खरीद कर ला रहे हैं।
वार्ड नौ के बेड नंबर पांच पर प्रीतम सिंह (75) निवासी सिंबल कैंप को रविवार दोपहर दो बजे ग्लूकोज में दवाई डालकर लगाने के साथ ही जबरदस्त रिएक्शन हो गया। उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें इमरजेंसी के कैबिन सात (मिनी आईसीयू) में भर्ती करना पड़ा।
उन्हें देर शाम तक आक्सीजन पर रखा गया था। परिवार वालों ने बताया कि वह गत सात अप्रैल से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन आज दोपहर को अचानक ग्लूकोज लगाने के साथ ही उनके मरीज की हालत बिगड़ गई। इसी तरह वार्ड नौ के बेड नौ पर भर्ती मोहम्मद सादिक को दो बार रिएक्शन झेलना पड़ा।
ड्रिपसेट रिएक्शन की जांच होगी
अब्दुल मजीद ने बताया कि उनके पिता को गत शनिवार को दोपहर को ग्लूकोज चढ़ाने पर रिएक्शन हुआ था, जिसके बाद रविवार सुबह सात बजे भी ग्लूकोज लगाने पर उन्हें रिएक्शन हुआ। उन्हें अचानक बुखार होने के साथ जबरदस्त सर्दी लगने लगी, जिसके बाद वह बाहर से ड्रिपसेट लाए और उसके बाद रिएक्शन नहीं हआ है।
इसी वार्ड में बेड छह पर भर्ती अंकित चोपड़ा ने बताया कि गत शनिवार शाम तीन बजे उन्हें ड्रिपसेट से रिएक्शन हुआ था। अचानक उन्हें सर्दी लगने के साथ तेज बुखार हो गया था, जिसके बाद वह ग्लूकोज और ड्रिपसेट बाहर से लाए। एक ही वार्ड में तीन मरीजों को रिएक्शन के बाद अन्य मरीजों में भी दहशत है।
पहली जांच में ड्रिपसेट से रिएक्शन हुआ दिख रहा है, जिसमें संबंधित ड्रिपसेट के अलाट के प्रयोग को बंद करवा दिया गया है। रिएक्शन कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
डा. रविंद्र रतनपाल, अधीक्षक, जीएमसी अस्पताल