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अधिकतर टयूववेल खराव कैसे मिले किसानों को पानी

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आरएस पुरा। किसानों को पानी की आपूर्ति करने के लगाए गए ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। किसानों को पानी की आपूर्ति नहीं होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय धान लगाने के लिए किसानों में पानी की आपूर्ति के लिए त्राहि-त्राहि मची है। सिंचाई विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा और न ही प्रशासन की ओर से किसानों की सुध ली जा रही है।
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युवा किसान नेता भूपिंद्र सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से किसानों की अनदेखी की जा रही है। ट्यूबवेल खराब पड़े होने पर इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसका मुख्य कारण पहले की सरकारों द्वारा किसानों से ट्यूबवेल लगाए जाने के लिए किसानों से निशुल्क भूमि लेकर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों को नौकरी नहीं मिली और ट्यूबवेल का रखरखाव करने के लिए कर्मियों का न होना है। सुचेतगढ क्षेत्र में लगाए 123 ट्यूबवेल में से 36 ही इस समय चल रहे हैं। हालत यह है कि पानी की आपूर्ति के लिए बनाए चैनल भी टूटे पडे़ हैं। अगर कोई ट्यूबवेल चल रहा है तो चैनल टूूटे होने पर किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा।
किसान रोशन लाल का कहना है कि हालत यह है कि कई ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर खराब पडे़ होने के साथ बिजली आपूर्ति के लिए लगाई लीड जली हुई, जिन्हें ठीक नहीं किया जाता। पीएचई व बिजली विभाग की सहमति नहीं होने पर किसानों को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। नया ट्रांसफार्मर लगवाने का कार्य बिजली विभाग का है, पर जानकारी देने पर कोई समाधान नहीं किया जा रहा। पीएचई विभाग एईई व जेई से बात करने पर उच्चधिकारियों को अवगत कराए जाने के लिए कहा जाता है, कोई समाधान नहीं हो पाता।
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किसान जीत राज का कहना है कि सई सेक्टर में 30 ट्यूबवेल हैं जिनमें से 19 खराब हैं। पिछले दिनों पीएचई विभाग के एक्सईएन ने दौरा किया था शीघ्र ट्यूबवेल ठीक कराने का आश्वासन दिया था। इस समय किसानों को पानी की जरूरत होने पर धान की रोपाई कर पाना मुश्किल बना हुआ है। सरकार व पीएचई विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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कई ट्यूबवेल इस लिए बंद है, अब वहां पानी नहीं, जिसके स्थान पर नए ट्यूबवेल लगाए गए है। नए ट्यूबवेल कोई खराबी है तो उन्हें शीघ्र ठीक कराया जाए, ताकि किसानों को पानी की आपूर्ति हो सके।
-उमेश कुमार, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग
कस्बे में इन दिनों पानी की जबरदस्त किल्लत
पांच व छह दिन बाद हो रही है जलापूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे के लोग वर्षों से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। गर्मी में उन्हें पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। सरकार की ओर से भी कोई उचित कदम नहीं उठाया जाता है। आज भी लोगों को पांच व छह दिन बाद पानी की आपूर्ति हो रही है। वह भी 15 व 20 मिनट तक ही की जा रही है। इससे स्थानीय लोगों में परेशानी बनी हुई है।
सनद रहे कि बसंतर दरिया पर एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया गया था, जिससे पानी की किल्लत में कुछ कमी आई थी। बाद में कस्बे के केमिकल कारखानों का गंदा पानी बसंतर दरिया में फेंका जाने लगा, जिस पर लोगों की मांग पर उक्त फिल्ट्रेशन प्लांट को बंद कर दिया गया। नए प्लांट के लिए वर्ष 2006 में योजना बनाई गई। 2007 में काम शुरू किया गया। एक करोड़ के फंड उपलब्ध कराए गए, जबकि 2018 तक केवल इमारत ही बनाई जा सकी। मशीनरी के लिए फंड की कमी बनी रही। यदि प्लांट बन जाता तो 20 हजार गैलन प्रति घंटा पानी की आपूर्ति मिलती, तो पानी की किल्लत न बनती। आज भी प्लांट का काम अधूरा पड़ा है। इस कारण सांबा के लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
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कस्बा में पांच व छह दिन बाद बीस से पच्चीस मिनट तक ही पानी की आपूर्ति की जा रही है।
-रंजु गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, सांबा
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जलशक्ति विभाग की गलत कार्यप्रणाली के चलते आज तक नए फिल्ट्रेशन प्लांट का काम पूरा नहीं किया जा सका है। यदि वह मुकम्मल हो जाता तो पानी की किल्लत न बनती।
-अंजय सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, सांबा
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पानी की किल्लत के बारे में कई बार राजनेताओं के साथ जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। पानी को लेकर कस्बा में हाहाकार है।
-रवि खजूरिया, पार्षद, म्यूनिसिपल काउंसिल, सांबा
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गत दिनों जलशक्ति व बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर बिजली पानी की किल्लत को दूर करने पर जोर दिया गया है। इस बारे में उपायुक्त को भी अवगत कराया गया है।
-पवन कोहली, अध्यक्ष, म्यूनिसिपल काउंसिल, सांबा
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सांबा में तीन व चार दिन बाद पानी की आपूर्ति की जा रही है। बिजली की समस्या के कारण देरी हो रही है। छह घंटे में एक घंटा ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। उनके पास हौज में पानी तो है, लेकिन बिजली नहीं होने पर आपूर्ति में देरी हो रही है। आगामी वर्ष में नए फिल्ट्रेशन प्लांट को चालू करा दिया जाएगा। पानी की किल्लत दूर हो जाएगी।
-अजय गुप्ता, एईई, जलशक्ति विभाग ,सांबा
जल शक्ति विभाग के एक्सईएन को लोगों ने बताई समस्याएं
ज्यौड़ियां। पंचायत बरडोह और बटल पंचायत में जल शक्ति विभाग के एक्सईएन ब्रम ज्योत ने दौरा कर किया। इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बरडोह पंचायत में पानी की जबरदस्त किल्लत चल रही है, जिसको विभाग दूर करे। इस मौके पर भाजयुमो के जिला महामंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि वार्ड-तीन मोहल्ला गुगु में 40 साल पहले जिस लाइन पर 11 कनेक्शन थे। अब 40 कनेक्शन हैं। पानी की बहुत परेशानी है। जोगवां के ओल्ड डगवेल से जोगवां वार्ड-पांच मोहल्ला खलका मोहल्ला और मोहल्ला नायब तहसीलदार और मोहलला फम्मी राम में पानी की बहुत परेशानी है। पंचायत बरडोह में जल जीवन के तहत जल्द से जल्द बरडोह, कलह, जोगवां आदि गांव में नया ट्यूबवेल बनाया जाए, ताकि बरडोह पंचायत में पानी की किल्लत से ुछुटकारा मिल सके। एक्सईएन ने आश्वासन दिया कि बरडोह पंचायत में पानी की किल्लत को जल्द दूर किया जाएगा। इस मौके पर पंच अशोक कुमार, रवि कुमार, अनिल कुमार, राजीव कुमार, पूरन चंद, रवि कुमार, सुनील कुमार, रतन लाल और अन्य मौजूद रहे। संवाद
हैंडपंप की मरम्मत कराई
घगवाल। राजपुरा कस्बे के सैनी मोहल्ले में देवस्थान में पांच साल से खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत सामाजिक कार्यकर्ता देवराज ने कराई है। स्थानीय निवासी मोहिंदर कुमार, काली दास, शाश्वत, साहिल, शाम, पंकज, सुशांत, दीपक, राकेश, नारेद्र व वासु ने बताया कि गांव में स्थित उक्त हैंडपंक के खराब होने से पानी की किल्लत बनी थी। पंप को दुरुस्त करने के लिए कई बार अधिकारियों सहित नेताओं को भी बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। संवाद
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इंद्र देव को खुश करने के लिए लगाया लंगर
रामगढ़। सीमावर्ती गांव नंदपूर के किसानों ने वीरवार को इंद्र देव को खुश करने के लिए लंगर लगाया। किसान मदन लाल, पंच कर्नेल सिंह, पूर्व पंच बाबा चौधरी, सौनू निलम चौधरी, पंडित प्रदीप शर्मा, मास्टर बिट्टू चौधरी ने कहा कि क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं हुई है। इसलिए हम सभी पिंडी क्षेत्र के पांच पीर बाबा की दरगाह पर लंगर लगाया। यह लंगर हर वर्ष लगाया जाता है। बारिश न होने से किसानों की हालत बहुत खराब हो गई है। हम सभी इंद्र देव से प्रार्थना करते हैं कि क्षेत्र में अच्छी बारिश हो। संवाद
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