आरएस पुरा। परिसीमन आयोग की अंतिम रिपोर्ट जारी होने पर सुचेतगढ़ विधानसभा सीट आरक्षित किए जाने पर राजनीतिक समीकरण भी काफी हद तक बदल जाएंगे। सुचेतगढ़ सीट आरक्षित होने के कारण कई राजनेताओं के सपने भी चकनाचूर हो गए हैं तो कई लोगों के लिए एक नया मौका मिलेगा।
सुचेतगढ़ से भाजपा से पूर्व विधायक चौधरी शाम लाल प्रमुख पार्टी के उम्मीदवार के चेहरे थे, जो यहां से दो बार विधायक बने। कांग्रेस से चौधरी गारू राम भी यहां से एक बार विधायक रहे। पूर्व मंत्री आरएस चिब सहित पूर्व सांसद सरदार त्रिलोक सिंह बाजवा, कांग्रेस नेता चौधरी मोहन सिंह इन नेताओं के स्थान पर नए चेहरे मतदाताओं के सामने होंगे। अब सीट आरक्षित होने पर भाजपा नेता व डीडीसी सदस्य प्रो. गारू राम भगत व नगर पालिका के मौजूदा चेयरमैन सतपाल पप्पी सहित काफी नए चेहरे भी उम्मीदवार की दौड़ में है। कांग्रेस की और कांग्रेस नेता कर्ण भगत सहित अजयाब सिंह मोटन, जितेंद्र भगत दौड़ में है। वहीं, जम्मू कश्मीर आम आदमी पार्टी के भी कुछ नए चेहरे इस दौड़ में हैं, जिसमें सरपंच शाम लाल भगत, डा प्रीति भगत शामिल हैं। इस वक्त विधानसभा क्षेत्र में कुल डेढ़ लाख मतदाता हैं। चार बार सुचेतगढ़ विधानसभा में जाट समुदाय के नेता ही विजयी रहे। परिसीमन आयोग की ओर से आरएस पुरा विधानसभा में एससी वर्ग के लोगों के कई गांव सुचेतगढ़ में जोडे़ गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री चौधरी गारू राम का कहना है कि इस रिपोर्ट को हर व्यक्ति खारिज कर रहा है। यह रिपोर्ट भाजपा के इशारे पर बंद कमरे में बैठ कर बनाई गई है। सुचेतगढ़ विधानसभा क्षेत्र को जिस तरह से आरक्षित किया गया है, उससे साफ है कि भाजपा जाट विरोधी है। पूर्व सांसद तरलोक सिंह बाजवा का कहना है कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को जबरदस्ती लोगों पर थोपा गया है।