डीआरडीओ की तरफ से भगवती नगर में बनाए जा रहे 500 बेड के कोविड अस्पताल को 25 मई को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने की तारीख लगभग तय हो गई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां तैनात होने वाले स्टाफ को लेकर कोई कवायद शुरू नहीं की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 500 बेड वाले अस्पताल में सौ डॉक्टर और एक हजार पैरामेडिकल स्टाफ सदस्याें समेत अन्य की तैनाती करनी होगी।
जम्मू संभाग में जीएमसी व अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में कोविड मरीजों की देखभाल के लिए स्टाफ की कमी है। जैसे तैसे अनुबंध पर स्टाफ की नियुक्ति की जा रही है। ऐसे में भगवती नगर में डीआरडीओ के 500 बेड वाले अस्थायी कोविड अस्पताल में स्टाफ की तैनाती चुनौती बन गई है। जीएमसी जम्मू में संभाग के अति गंभीर कोरोना मरीजों को भर्ती किया जाता है। ऐसे में स्टाफ पर्याप्त न होने के चलते 250 नर्सों को अनुबंध पर भर्ती किया गया है।
इसी तरह लैब तकनीशियन समेत कोविड व्यवस्था से जुड़े अन्य पदों पर भी स्टाफ की तैनाती कर काम चलाया जा रहा है। वरिष्ठ डॉक्टर पहले से ही सीमित संख्या में होने के कारण जूनियर डॉक्टरों से लेकर पीजी छात्र भी कोरोना मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। कुछ यही हाल अन्य अस्पतालों का भी है। 25 मई को भगवती नगर में डीआरडीओ की तरफ से 500 बेड वाला कोविड अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। इस अस्थायी अस्पताल के लिए प्रदेश सरकार को डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की तैनाती करनी है।
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स्टाफ तैनाती की जानकारी नहीं
इस बारे में जीएमसी जम्मू व अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों की प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. शशि सूदन शर्मा ने कहा कि जीएमसी अस्पताल में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए 250 नर्सों को अनुबंध पर भर्ती किया गया है। अन्य स्टाफ की कमी भी अनुबंध के आधार पर पूरी करने की प्रक्रिया जारी है। डीआरडीओ अस्पताल में स्टाफ की तैनाती कहां से होगी, इस विषय पर अभी चर्चा नहीं हुई है।