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पाकिस्तान की जमीन के हर इंच पर हमारी सेना कर सकती है हमला : सिन्हा

Tue, 27 May 2025 01:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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एलजी मनोज सिन्हा ने ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह ऑडिटोरियम जम्मू विश्वविद्यालय में कविता रश्मिरथी के
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जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की काव्य कृति रश्मिरथी का नाट्य मंचन किया गया। यह नाट्य मंचन सशस्त्र बलों के नायकों को समर्पित किया गया।
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इस कार्यक्रम में पहुंचे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पाकिस्तान को आतंकवाद का पोषक बताते हुए जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकवादियों को पालना जारी रखता है तो हमारी सेना उसकी जमीन के हर इंच पर हमला कर सकती है।

उपराज्यपाल सिन्हा ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह आतंकवाद को पालना बंद करे। हमारी सेना उसका पूरा अस्तित्व धरती से मिटा सकती है।
उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी हमारे संस्थापकों के लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रख रहे हैं। राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा कर रहे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि आतंकी राज्य पाकिस्तान को उसके दुस्साहस की सजा मिले। यह देखकर उन्हें गर्व होता है।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे बहादुर सैनिक सीमाओं की रक्षा में डटे हैं, उसी तरह हमारे युवा छात्रों को भी नवाचार और भारत के आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में खुद को समर्पित करना चाहिए।



रश्मिरथी धर्म के प्राचीन मूल्यों का प्रतीक है
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि काव्य कृति रश्मिरथी केवल हमारा प्राचीन इतिहास नहीं है, बल्कि यह धार्मिकता और धर्म के प्राचीन मूल्यों का प्रतीक है जो कि आज के बदलते भू-राजनीतिक हालात में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। राष्ट्रकवि दिनकर अतुलनीय हैं। उनकी कविताएं कालजयी हैं और प्रत्येक पद अस्तित्व को समर्पित है। उन्होंने अपने महाकाव्य में गहन भावनाएं जगाई हैं और राष्ट्र उनके शब्दों के माध्यम से गीत गा सकता है। हमारे पूर्वजों और महान योद्धाओं ने दिनकर के अमर व्यक्तित्व के माध्यम से अपनी भावनाओं को आवाज दी है। उपराज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रवाद को बढ़ाने में उनका योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि दिनकर अतुलनीय हैं। उनकी कविताएं कालातीत हैं और प्रत्येक छंद अस्तित्व को समर्पित है। वह अपने महाकाव्य में गहन भावना पैदा करते हैं और राष्ट्र उनके शब्दों के माध्यम से एक गीत गा सकता है। उन्होंने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर के महाकाव्य का प्रतिनिधित्व सशस्त्र बलों के नायकों को समर्पित है, जिन्होंने आतंकवादी राष्ट्र पाकिस्तान को सबक सिखाया और साहस, बलिदान, पराक्रम और न्याय का प्रदर्शन किया।
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