उमर को श्रीनगर से लड़ना चाहिए था लोकसभा चुनाव चुनाव, संसद में उनकी अहम भूमिका होती
डॉ. कर्ण सिंह ने कहा, उमर अब्दुल्ला ने बारामुला से संसदीय चुनाव लड़कर गलती की है, उन्हें श्रीनगर से ही चुनाव लड़ना चाहिए था। अगर वह जीतते तो संसद में उनकी अहम भूमिका होती। इंजीनियर रशीद (निर्दलीय) की बारामुला से दो लाख से अधिक मतों से जीत को नाटकीय करार दिया, जबकि वह यूएपीए के प्रावधानों के तहत जेल में हैं।
कर्ण सिंह ने कहा कि शेख अब्दुल रशीद (इंजीनियर राशिद) जेल से रिहा होंगे या नहीं... वह नहीं जानते, लेकिन उनकी जीत ने यह संदेश दिया है कि लोग भाजपा से खुश नहीं हैं। उमर ने वही गलती की, जो मैंने की थी, जब उन्होंने उधमपुर (लोकसभा सीट) से जम्मू का रुख किया।
इंडिया गठबंधन का हो रहा विस्तार
जम्मू-कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह के बेटे डॉ. कर्ण सिंह ने 1967, 1971, 1977 और 1980 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर उधमपुर लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी। 1984 में जब वह निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ने के लिए जम्मू चले गए तो वे संसदीय चुनाव हार गए थे।
लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन आकार ले रहा है और उत्तर प्रदेश के नतीजे इसका प्रमाण हैं। 2024 के चुनावों में कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या 52 से बढ़ाकर 99 कर ली हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सहयोग से बहुमत सीटें हासिल हुईं। मुझे लगता है कि भारत के गठन में तालमेल बिठाने में थोड़ा और समय लगेगा, लेकिन यह निश्चित रूप से तालमेल बिठाएगा।