मूसलाधार और बाढ़ के एक माह बीत जाने के बाद भी संभाग में दर्जनों सड़कों को खोलना अभी चुनौती बना हुआ है। इसमें जिला पुंछ और रियासी की सड़कों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।
इन सड़कों को बहाल करने के लिए सैकड़ों कर्मियों के साथ 471 मशीनें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं, लेकिन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़कों के कई हिस्से ही टूट गए हैं।
आरएंडबी के चीफ इंजीनियर अब्दुल हमीद शेख के अनुसार जिन सड़कों को अभी बहाल नहीं किया जा सका है, वे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे अस्थायी ढांचे को खड़ा करने में कई दिक्कतें आ रही हैं।
विभाग ने हजारों सड़कों को रिकार्ड समय में बहाल किया है। जम्मू संभाग के दस जिलों में करीब दस हजार किलोमीटर पर 3569 सड़कों का जाल बिछा है। सितंबर के शुरू में मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण 2708 सड़कों को नुकसान पहुंचा था।
इसमें अब तक 2666 सड़कों को बहाल कर दिया गया है, लेकिन अभी भी 42 सड़कों पर आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। जोरदार बारिश और बाढ़ से 27 फुटब्रिज पानी में बह गए थे। इसमें जिला पुंछ में अभी तक कोई फुट ब्रिज बहाल नहीं हो पाया है।
इसके अलावा 177 फुटब्रिज को नुकसान पहुंचा था, जिसमें 28 को बहाल कर दिया गया है। इसी तरह 54 मोटर ब्रिज में से 34 को बहाल कर दिया गया था। बचे हुए पुलों को अस्थायी तौर पर बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। संभाग में कुल 338 मोटर और 508 फुट ब्रिज पर रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है।
इन सड़कों की बहाली बाकी
ज्यादा जिला पुंछ में अभी 12 सड़कों को खोलना बाकी है। इसी तरह जिला रियासी में 11 सड़कें बहाल नहीं हो पाई है। इसके अलावा जम्मू में सात, कठुआ में दो, राजोरी में चार, डोडा में एक, किश्तवाड़ में दो और रामबन में तीन सड़कों को खोलने पर काम किया जा रहा है।