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जम्मू-कश्मीर : कोरोना में रहें सतर्क पर इन बातों को भी जिंदगी से न होने दें गायब

Mon, 26 Apr 2021 03:38 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

मनोचिकित्सकों की सलाह-टीवी पर कम देखें कोरोना संक्रमण की खबरें, डरें नहीं बल्कि एहतियात बरतें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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देश व प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के दौरान हर घर पर इसी विषय पर चर्चा है। लोग टीवी, मोबाइल में बस यही खबरें देख रहे हैं। मनोचिकित्सक के अनुसार इससे आपके दिमाग पर सीधा असर पड़ रहा है। कोरोना काल में डरने की नहीं बल्कि एहतियात बरतने की जरूरत है। शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ्य रखने के लिए परिवार के साथ हंसी खुशी से रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में घर पर ही रहकर किसी न किसी काम में व्यस्त रहें या फिर कोई खेल भी खेल सकते हैं। कोविड के अलावा अन्य विषयों पर भी चर्चा करनी जरूरी है।

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मित्रों और रिश्तेदारों से फोन पर करें बात
मनोचिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. जगदीश थापा के अनुसार कोरोना काल में हर व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी है कि वह शरीरिक व मानसिक तौर पर स्वस्थ बना रहे। इसके लिए व्यायाम, हेल्दी डाइट के साथ-साथ मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने के लिए परिवार के सदस्यों से विभिन्न विषयों पर चर्चा करें। आस पड़ोस के लोगों को हैलो हाय जरूर करते रहें। मित्रों व रिश्तेदारों का फोन पर ही कुशलक्षेम पूछते रहें। इससे मानसिक तौर पर आप स्वस्थ रहेंगे। कोरोना एसओपी का पालन करें।
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मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्या करें
-कोरोना संक्रमण से जुड़ी ज्यादा खबरें न देखें और न ही सुनें। आपको जितनी जानकारी चाहिए आप पहले से ही जान चुके हैं।
-कहीं से भी अधिक जानकारी एकत्र करने का प्रयास छोड़ें। क्योंकि यह आपकी मानसिक स्थिति को कमजोर करेगा।
-जितना संभव हो संगीत सुने, भजन इत्यादि भी सुन सकते हैं। अध्यात्म में मन लगाएं। बच्चों के साथ खेलें।
-काम में व्यस्त रहें, क्योंकि खाली दिमाग मतलब शैतान का घर।
-पूरा विश्वास रखें कि ये समय शीघ्र ही निकलने वाला है और आप हमेशा स्वास्थ्य व सुरक्षित रहेंगे।
-अगर किसी के मन में डर बैठ जाए तो शीघ्र ही ऑनलाइन माध्यम से ही सही मनोचिकित्सक से सलाह लें
-मास्क, सैनिटाइजस भी एक तरह की वैक्सीन है। इसका इस्तेमाल करते रहें

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