दरअसल, जब भी कोई अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूवमेंट होती है, तो पाकिस्तान आतंकी वारदातों को अंजाम देकर जम्मू-कश्मीर में माहौल खराब होने का संदेश देने की कोशिश करता है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एलओसी पर पूरी चौकसी है। आतंकियों की हर तरह की कोशिश नाकाम की जाएगी।
ज्ञात हो कि बीते दिनों तीन से चार आतंकियों की बातचीत मकवाल बॉर्डर के पास रिकॉर्ड की गई थी। सूत्रों का कहना है कि 16 फरवरी की रात करीब डेढ़ बजे तीन आतंकियों की बातों को इंटरसेप्ट किया गया। आतंकी आपस में बात कर रहे थे कि हम पहुंच गए हैं, दो तीन दिन में अपनी जगह पहुंच जाएंगे। बता दें कि मकवाल बॉर्डर जम्मू से सिर्फ छह सात किलोमीटर दूर है।
जबकि एयरपोर्ट, एयरफोर्स स्टेशन, सैन्य अस्पताल और सैन्य कैंप तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। मकवाल बॉर्डर से निक्की तवी का एरिया जुड़ा हुआ है। जो पाकिस्तान के साथ है। निक्की तवी पाकिस्तान में जाती है। आतंकी मकवाल बॉर्डर से घुसपैठ कर निक्की तवी से उक्त जगहों पर पहुंच सकते हैं।
आतंकियों की बातचीत सुने जाने के बाद बॉर्डर पर अलर्ट किया गया है। इस बॉर्डर पर सेना के साथ बीएसएफ भी है। बता दें कि लगातार आतंकियों की घुसपैठ के इनपुट आ रहे हैं। पुलवामा हमले के बाद आतंकी कश्मीर सहित अन्य जगहों पर कोई बड़ा हमला नहीं कर पाए हैं। जिससे आतंकी संगठन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बुरी तरह से बौखलाई हुई है। यहीं कारण है कि आतंकियों पर लगातार घुसपैठ का दबाव बढ़ाया जा रहा है।