बच्चे परीक्षा से सहमे नहीं, बल्कि इसे इंज्वाय करें। यदि बच्चे ने पूरे वर्ष नियमित रूप से पढ़ाई की है तो यह तय है कि परीक्षा के दौरान सारे टॉपिक्स कैलेंडर के पन्ने की तरह चलते चले जाएंगे। बोर्ड परीक्षा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, परीक्षार्थियों के साथ ही अभिभावकों का तनाव बढ़ रहा है।
परीक्षा विशेषज्ञ एवं राजकीय महिला कालेज गांधीनगर के पंजाबी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुरजीत कौर रैना ने अभिभावकों और शिक्षकों को सलाह दी है कि परीक्षा के नाम पर छात्रों पर अनावश्यक दबाव कतई न बनाएं। परीक्षा को बच्चों को इंज्वाय करने के लिए प्रेरित करें।
विशेषज्ञ ने जोर देकर कहा कि पहली बार बोर्ड परीक्षा में शामिल रहे दसवीं के परीक्षार्थियों को रिलैक्स रहने दें। उनके सामने परीक्षा का हौवा खड़ा न करके उनको सकारात्मक तरीके से पढ़ी गई बातों को दोहराने में मदद करनी चाहिए। परीक्षा का नाम सुनकर ही अच्छे से अच्छे अंक लाने के लिए अभिभावक जिस तरह परीक्षार्थियों पर दबाव बना रहे हैं, उससे परेशानी होती है।