जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में लोगों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कई योग्य आवेदनकर्ताओं को प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। स्टेट सब्जेक्ट वाले आवेदकों को एक या दो दिन में ही प्रमाणपत्र जारी करने का दावा किया जा रहा है। नौकरी में नियुक्ति के समय डोमिसाइल अनिवार्य किया गया है, हालांकि चयन प्रक्रिया के दौरान इसमें छूट रहेगी। जम्मू-कश्मीर में सभी सरकारी नौकरियों और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए डोमिसाइल प्रमाणपत्र लिया जाएगा।
डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए तहसीलदारों और जिला स्तर के अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। तहसील कार्यालयों में डोमिसाइल के लिए आवेदन आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 व 35 को हटाने के बाद जम्मू कश्मीर में स्टेट सब्जेक्ट को खत्म करके डोमिसाइल व्यवस्था शुरू की गई है। अब ऐसे शिक्षण संस्थान जहां दाखिले के लिए पीआरसी (स्थायी नागरिक प्रमाणपत्र) की अनिवार्यता थी, वहां डोमिसाइल प्रमाण पत्र लिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन एक्ट की धारा 23 के तहत भी प्रवेश के लिए डोमिसाइल को अनिवार्य किया गया है। प्रवेश परीक्षा में वही उम्मीदवार बैठ सकेंगे, जिनके पास डोमिसाइल प्रमाणपत्र होंगे।
तहसील कार्यालय में बनाया अलग काउंटर
तहसीलदार नॉर्थ जय सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 50 लोगों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी कर दिए है। इसमें स्टेट सब्जेक्ट वाले आवेदनों में वेरिफिकेशन के लिए उनके राशनकार्ड, वोटर या आधार कार्ड की कॉपी ली जा रही है। जांच के बाद प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। इसके लिए तहसील कार्यालय पर अलग से काउंटर बनाया है, जिसमें आवेदनकर्ता अपनी फाइल जमा करवाएगा और दूसरे दिन उसके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आवेदनकर्ता से फोन नंबर लिया जा रहा है। खामी या अन्य जानकारी के लिए उससे संपर्क किया जाता है। कोरोना महामारी के चलते सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जा रहा है। अभी तक किसी बाहरी राज्य के नागरिक ने आवेदन नहीं किया है। फिलहाल सीमित आवेदन ही आ रहे हैं। बाहरी राज्य के नागरिक को 15 साल प्रदेश में रहने पर डोमिसाइल मिल सकता है, लेकिन इसके लिए उसे जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे।