राजोरी कस्बे में अलग-अलग स्थानों पर रविवार को कुतों ने 15 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। घटनाओं से स्थानीय रहवासियाें में दहशत मच गई। सभी को स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया जहां उन्हें एंटी रेबीज का टीका लगाया गया।
रविवार को पहली घटना राजोरी के बेला कॉलोनी और इसके बाद छपारिया और वार्ड नंबर 4 आईटीआई क्षेत्र में हुई। कुत्तों के हमले में घायल होने वालों में ज़्यादातर पीड़ित बुज़ुर्ग और किशोर थे। इनके पैरों और हाथों में कुतों ने काटा है। सभी को जीएमसी अस्पतालों में एंटी-रेबीज टीके लगाए गए और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई।
जीएमसी राजोरी के डिप्टी एमएस डॉ. जावेद चौधरी ने बताया कि रविवार को कई लोग कुत्ते के काटने से घायल होकर आए थे। उनको एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया गया। डॉ. जावेद ने बताया कि बहुत से लोग अस्पताल नहीं जाते हैं और खुद ही देसी उपचार करना शुरू कर देते हैं। ऐसा करना जान जोखिम में डालना है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि किसी को भी यदि कुत्ता काटता है तो उसे हर हाल मे एंटी रेबीज इंजेक्शन का पूरा कोर्स करना चाहिए । ताकि भविष्य में उसे कोई परेशानी न उठानी पड़े। वहीं पीड़ित लोगों के परिजनों ने डीसी राजोरी और नगर परिषद राजोरी से गुहार लगाते हुए कहा कि राजोरी में कुत्तों की बढ़ती हुई जनसंख्या पर काबू पाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
क्या कहते हैं अधिकारी
राजोरी ज़िले में एनिमल बर्थ कंट्रोल यानि एबीसी योजना ज़मीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाई है। नगर परिषद राजोरी के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि राजोरी ज़िले की सभी चार नगर पालिकाओं और राजोरी नगर परिषद में एबीसी योजना के लिए एक़ ही क्लस्टर बनाया गया है। इन सभी में उक्त योजना के तहत चार बार टेंडर किए गए, लेकिन एक़ बार भी कोई रजिस्टर्ड एनजीओ ने टेंडर नहीं डाला। हालांकि इस संबंध में प्रयास जारी है।