जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डॉक्टरों व धार्मिक नेताओं से अपील की है कि वह लोगों को कोविड नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें, ताकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को नियंत्रण में लाया जा सके।
राजभवन से सोमवार को वर्चुअल माध्यम से अस्पतालों के प्रिंसिपल, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के विभागाध्यक्षों से एलजी ने बैठक कर मरीजों के लिए बेड व देखभाल से संबंधित विषयों की स्थिति व भविष्य के लिए किए जा रहे इंतजाम पर चर्चा की। एलजी ने डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ व कोरोना के फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वह दिन रात कोविड मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर की रोकथाम के लिए डॉक्टरों से सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि कोरोना मरीजों को अस्पतालों में पर्याप्त उपचार मिल सके।
उन्होंने डाक्टरों को सलाह दी कि वह धार्मिक नेताओं से अपील करें कि धार्मिक स्थलों में बिना मास्क के कोई भी व्यक्ति अंदर न प्रवेश कर पाए। इसके अलावा वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के 88 फीसदी जवानों केेे कोरोना वैक्सीन दी जा चुकी है। इनमें से केवल छह जवान कोविड संक्रमित हुए हैं। कोरोना की चेन को ब्रेक करने के लिए नाइट कर्फ्यू शुरू किया गया है। नगर निगम क्षेत्राधिकार में सार्वजनिक पार्कों को भी बंद किया गया है। लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदी लगाई गई है। पचास फीसदी की क्षमता से बाजारों को खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को सरकार हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा निदेशक कश्मीर ने सुझाव दिया कि कड़ाई से कोविड नियमों का पालन करवाया जाना चाहिए, तभी कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हो सकती है। जीएमसी श्रीनगर के प्रिंसिपल ने कहा कि अकारण लोगों को घरों से बाहर मूवमेंट नहीं करने देनी चाहिए। इसी तरह जम्मू, बारामुला, अनंतनाग, कठुआ और डोडा के डॉक्टरों ने भी सुझाव दिए। इस अवसर पर सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्त आयुक्त अटल डुल्लू आदि भी मौजूद रहे।