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एसएमजीएस अस्पताल में डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ नाच गाकर कोरोना मरीजों का बढ़ा रहे मनोबल

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जम्मू। कोरोना संकट के बीच हर कोई परेशान है। इन परिस्थितियों में कइयों ने अपनों को खो दिया है। डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ जी जान से मरीजों को संभालने में जुटे हैं। लेकिन बात सिर्फ दवाओं तक नहीं है, कोविड मरीजों का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाना भी जरूरी है। कुछ ऐसी ही बानगी शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में दिख रही है। यहां कोविड वार्ड 7-8 में मरीजों के मनोरंजन और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए नाच गाने की भी व्यवस्था की गई है।
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डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ इन मरीजों के साथ कुछ ऐसा ही प्रयास कर रहे हैं। अस्पताल के कोविड वार्ड में किशोर कुमार के प्रमुख गीत जिंदगी इक सफर है सुहाना, जहां कल क्या होगा किसने जाना..., पर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ कोविड मरीजों के साथ झूम रहे हैं। पीपीई किट और कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए चिकित्सा स्टाफ कोविड मरीजों को साथ लेकर झूम रहा है। मरीज भी अपने बेडों से हाथ हिलाकर और हाथ उठाकर संगीत का मजा लूट रहे हैं। इनमें कई बुजुर्ग मरीज भी हैं, जो कोविड से लड़ रहे हैं। इन वार्डों में 25 से अधिक मरीज भर्ती हैं। चिकित्सा स्टाफ तालियां बजाकर मरीजों का हौसला बढ़ाने का काम कर रहा है।
पहली बार इस तरह का प्रयास
अस्पताल में पहली बार इस तरह का प्रयास किया गया है। स्टाफ नर्स पवनजीत कौर ने कहा कि हमने सोचा कि मनोरंजन से कोविड मरीजों का हौसला बढ़ाया जा सकता है। डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ दोनों मरीजों के साथ खड़े हैं। अस्पताल में मरीजों को सभी उचित सुविधाएं दी जा रही हैं और रोजाना कई मरीज ठीक होकर घरों को लौट रहे हैं। एक मरीज ने बताया कि उन्हें चिकित्सा स्टाफ के साथ इस तरह से नाचना गाना अच्छा लगा। जब कोरोना हुआ था तो दिमाग में कई तरह का डर था, लेकिन संगीत और ऐसे मनोरंजन से उनका हौसला बढ़ा है। नर्स हरप्रीत कौर और शशि किरण ने कहा कि भविष्य में ऐसे प्रयास किए जाते रहेंगे।
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