रियासत में डाक्टरों की मनमानी के आगे सरकार घुटने टेकती नजर आ रही है। जम्मू संभाग में करीब 110 डाक्टर गैरहाजिर चल रहे हैं। इनमें से कई सालों से गायब चल रहे हैं।
मजेदार बात यह कि इनमें शामिल अधिकांश डाक्टरों को दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए भेजा गया था। स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू नए सिरे से ऐसे डाक्टरों की सूची तैयार कर सचिवालय में प्रशासनिक विभाग के पास भेज रहा है।
इसमें ऐसे डाक्टरों को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है। जुलाई, 2013 में स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की ओर से उधमपुर, कठुआ, बसोहली, चिनैनी, बनिहाल, डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, गंदोह, बनी, पुंछ, रामबन के दूरवर्ती क्षेत्रों में 108 डाक्टरों को भेजा गया था।
बर्खास्तगी का मामला प्रशासनिक विभाग के पास लटका
इनमें से 31 ने अब तक ज्वाइन ही नहीं किया है। ये सभी गैरहाजिर चल रहे हैं। सर्जरी, त्वचा, मेडिसन, मेडिकल अफसर स्तर के डाक्टरों के पद खाली रहने से लोगों को चिकित्सा सेवाओं से महरूम रहना पड़ रहा है।
इसके अलावा अन्य 36 डाक्टर सालों से गैरहाजिर चल रहे हैं। नए मामलों में करीब सात डाक्टर जीएमसी में रजिस्ट्रारशिप करने के दौरान गैरहाजिर पाए गए हैं।
गजटेड स्तर का पद होने के कारण विभाग की ओर से गैरहाजिर डाक्टरों को तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन बर्खास्तगी का अधिकार प्रशासनिक विभाग के पास है।
पदों के मुकाबले आधे डॉक्टर ही तैनात
विभाग ने अलग से सचिवालय के पास दर्जन से ज्यादा ऐसे डाक्टरों की सूची भेजी है जो बिना अनुमति लिए दूसरे राज्यों में पीजी कर रहे हैं। मजेदार बात यह है कि इनमें से कई ने तीन साल की पीजी खत्म करने के बाद भी स्वास्थ्य निदेशालय में रिपोर्ट नहीं की है।
जम्मू संभाग के अस्पतालों में कुल मंजूर 1850 पदों पर आधे ही पदों पर डाक्टर उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में सरकार ने एक बड़े स्तर पर राज्य में गैरहाजिर 73 डाक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं।
इसमें जम्मू संभाग से 16 और बाकी कश्मीर डिवीजन से थे। इसी तरह दिसंबर, 2011 में भी ऐसे डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 17 डाक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया था। मार्च, 2012 में 38 गैर हाजिर डाक्टरों की सूची सरकार को भेजी गई, जिसमें रिपोर्ट न करने वाले अधिकांश डाक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया।
वहीं इस संबंध में स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया ने बताया कि नियमों के तहत सभी गैरहाजिर डाक्टरों को नोटिस जारी कर प्रशासनिक विभाग को उनकी बर्खास्तगी की सिफारिशें भेजी गई हैं। डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए पीएसएम से चयनित हो रहे डाक्टरों को लगाया जा रहा है।