कोर्ट ने कहा कि ड्यूटी और अधिकारी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। भारत देश अखंडता की मिसाल वाला देश है। हर एक नागरिक को बोलने की आजादी है, लेकिन यह अनुच्छेद 19 (2) के तहत वर्जित भी है।
आरोपी ने वीडियो अपलोड बोलने की आजादी की मर्यादा का उल्लंघन किया। यह उल्लंघन काफी संगीन है। मामले की जांच अभी शुरूआत में है।
जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में अभी कुछ और लोग भी शामिल हैं, जो फिलहाल पकड़े नहीं गए हैं। ऐसे में यदि पकड़े गए आरोपी को जमानत दी जाती है, तो इस मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। इन्हीं दलीलों के मद्देनजर जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।