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डाक्टरों की बर्खास्तगी का मामला अधर में

Sat, 20 Sep 2014 01:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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रियासत में सालों से गैरहाजिर चल रहे डाक्टरों की बर्खास्तगी का मामला लगातार लटकता रहा है। जम्मू संभाग में ही करीब 110 डाक्टर ड्यूटी से गायब हैं। इनमें अधिकांश डाक्टरों को दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं बेहतर बनाने के उद्देश्य से भेजा गया था। लेकिन वे लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं।
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इन डाक्टरों को स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू से कई बार नोटिस जारी हो चुका है और अंतिम कार्रवाई के लिए मामला प्रशासनिक विभाग के अधीन है। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार गैरहाजिर डाक्टरों पर कार्रवाई के लिए प्रशासनिक विभाग को लिखा गया है। विभाग अपने स्तर पर भी नियमों के तहत कार्रवाई कर रहा है।

जुलाई 2013 में स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की ओर से दूरवर्ती क्षेत्र उधमपुर, कठुआ, बसोहली, चिनैनी, बनिहाल, डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, गंदोह, बनी, पुंछ, रामबन में 108 डाक्टरों को भेजा गया था। जिसमें 31 ने अब तक ज्वाइन ही नहीं किया है।
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इसमें सर्जरी, त्वचा, मेडिसन, मेडिकल आफिसर स्तर के डाक्टरों के पद खाली रहने से लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। इसके अलावा अन्य 36 डाक्टर सालों से गैरहाजिर चल रहे हैं। नए मामलों में करीब सात डाक्टर जीएमसी में रजिस्ट्रारशिप करने के दौरान गैरहाजिर हो गए हैं।

गजटेड स्तर का पद होने के कारण विभाग की ओर से गैरहाजिर डाक्टरों को तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लेकिन बर्खास्तगी का अधिकार प्रशासनिक विभाग के पास है।

विभाग ने अलग से सचिवालय के पास दर्जन से ज्यादा ऐसे डाक्टरों की सूची भेजी है जो बिना अनुमति लिए दूसरे राज्यों में पीजी कर रहे हैं। मजेदार बात यह है कि इनमें कई ने तीन साल की पीजी खत्म करने के बाद भी स्वास्थ्य निदेशालय में रिपोर्ट नहीं की है।
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