दिवाली पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जीएमसी में डिजास्टर प्लान सक्रिय रहेगा। इसमें बड़े हादसे होने की सूरत में बड़ी संख्या में घायलों को इलाज देने का इंतजाम रखा जाएगा। इसके अलावा अस्पतालों में इमरजेंसी को मजबूत बनाया जाएगा। वर्न वार्ड में अतिरिक्त प्रबंध रहेंगे। दिवाली पर सीमा पर पाक गोलाबारी की आशंका को देखते हुए घायलों की सहूलियत के लिए अस्पतालों में सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
जीएमसी के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार अस्पताल में आपात स्थिति के लिए अन्य कई वार्डों को भी तैयार रखा जाएगा, लेकिन सबसे ज्यादा इमरजेंसी और वर्न वार्ड पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पाक गोलाबारी में 68 घायलों को जीएमसी में भर्ती कराया गया, जिसमें अभी भी कई घायलों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा कई डिस्चार्ज हुए छह घायलों और तीमारदारों ने कोई आशियाना न होने के कारण रेडक्रास अटेंडेंट सराय में सहारा लिया हुआ है।
दिवाली के नजदीक आते ही सीमांत ग्रामीणों में दहशत भी बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि दिवाली पर सीमा पार से भारी गोलाबारी हो सकती है, जिससे अभी भी घायल घरों को जाने को तैयार नहीं हैं। वहीं, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अस्पतालों को दिवाली पर कोई आपात स्थिति होने की सूरत में अलर्ट पर रखा गया है।