एसआरओ 105 पर मचे बवाल की गाज ज्योलाजी एंड माइनिंग विभाग के निदेशक पर पड़ी है। सरकार ने निदेशक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है।
राज्य के बाहरी व्यक्ति मोहन पाल सिंह के नाम से जारी माइनिंग लीज भी रद्द कर दी है। विधानसभा में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा ने इस आशय की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि सदन में सदस्यों द्वारा उठाए सवाल और स्पीकर द्वारा मामले पर चिंता जताने के बाद सरकार ने ईमानदारी और पारदर्शिता को बहाल रखने के लिए त्वरित कार्रवाई की।
मंत्री ने कहा कि ज्योलाजी एंड माइनिंग विभाग के निदेशक ने 12 मई 2016 को बाहरी राज्य के नागरिक के नाम माइनिंग लीज जारी की थी। स्पीकर ने चूंकि किसी भी बाहरी व्यक्ति के नाम माइनिंग लीज जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई थी। अन्य तमाम पहलुओं को प्रभावी रखा गया था, ताकि खनन सहित परिवहन और भंडारण को कानूनी दायरे में लाया जा सके।
मंत्री ने कहा 25 अप्रैल, 2016 को हाईकोर्ट ने माइनिंग के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई थी। आदेश की प्रति सदन में पेश करते हुए मंत्री ने कहा कि इस आदेश को विभाग ने शब्दश: और भावना के अनुरूप अमल में लाया।
मंत्री ने कहा कि स्टोन क्रशर एसआरओ-105 के दायरे में नहीं आते। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका पर मंत्री ने कहा कि बोर्ड केवल उन्हीं गतिविधियों की अनुमति प्रदान करता है जो पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम, एयर एक्ट और वाटर एक्ट के मानदंडों पर खरा उतरें।