वरिष्ठ पीडीपी नेता एवं मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार में मंत्री रहे दिलावर मीर को दिल्ली की विशेष सीबीआई कोर्ट ने तीन साल कैद की सजा सुनाई है। वे गलत तरीके से 30 लाख रुपये जारी करवाने और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) से अपनी फर्म को 1993-96 में यूरिया बेचने का ठेका (कांट्रैक्ट) दिलाने के मामले में दोषी पाए गए।
सीबीआई के विशेष जज एलके गौड़ के फैसले में दिलावर मीर पर 3.21 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके साथ ही सीबीआई की स्पेशल कोर्ट की ओर से एनएफएल लिमिटेड के तत्कालीन महा प्रबंधक दिलबाग सिंह कंवर को भी ढाई साल की कैद की सजा सुनाई गई है। उन पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
कोर्ट ने कहा, कोई नरमी नहीं बरती जा सकती
पीडीपी नेता दिलावर मीर को इस मामले में कोर्ट से दो जनवरी 2015 तक जमानत मिल गई है, पर वे अब विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। दिलावर मीर को पीडीपी की ओर से विधानसभा चुनाव में राफियाबाद से प्रत्याशी बनाया गया था। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि दिलावर मीर तब मैसर्ज गुड फ्रेंड्स एजेंसिज के मालिक थे जिसे गलत तरीके से यूरिया बेचने का ठेका दिया गया था।
मीर की ओर से कोर्ट में नरम रवैया अपनाने को तर्क दिया गया था कि के जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य और मंत्री भी रहे हैं। उनका सार्वजनिक जीवन काफी अच्छा रहा है।
कोर्ट ने उनकी अपील को यह कहकर खारिज कर दिया कि जो लोग उच्च पदों पर आसीन होते हैं अथवा मंत्री रह चुके हों, सार्वजनिक जीवन जी रहे हों उनसे उम्मीद की जाती है कि उनका पिछला जीवन साफ सुथरा हो। पर उनके मामले में ऐसा नहीं है। ऐसे में उनके साथ कोई नरमी नहीं बरती जा सकती।
जानिए जज ने फैसला देने से पहले क्या कहा
267 पृष्ठ के फैसले में सीबीआईं के विशेष जज एलके गौड़ ने कहा कि मामले में सामने आए तथ्यों से स्पष्ट है कि एनएफएल को इस मामले में दोषी पाए गए मोहम्मद दिलावर मीर के कारण 1994 में 30 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। जज ने फैसले में लिखा कि मेरी राय के मुताबिक सभी बात को ध्यान में रखते हुए दोषी को 3.19 करोड़ रुपये का जुर्माना सही होगा।
इसके साथ ही फैसला में कहा गया है कि प्रासिक्यूशन इस पूरे मामले में एनएफएल के तत्कालीन महा प्रबंधक दिलबाग सिंह कंवर की दिलावर मीर के साथ मिलीभगत साबित करने में सफल रहा है। कंवर ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए मीर की फर्म को ठेका दिलवाया था।
इसके साथ ही कंवर की ओर से यह जानते हुए भी कि मीर की फर्म द्वारा कोई काम नहीं किया गया है 30 लाख रुपये की राशि भी उनको बतौर एडवांस दिलवाई। हालांकि, इस मामले में कोर्ट ने दोनों की दो जनवरी 2015 तक जमानत स्वीकार कर ली ताकि वे अपने बचाव में अपील दायर कर सकें।
एजेंसी
राफियाबाद से नया उम्मीदवार खड़ा करेगी पीडीपी
दिल्ली की सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा राफियाबाद विधानसभा क्षेत्र से पीडीपी उम्मीदवार दिलावर मीर को तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद पीडीपी ने राफियाबाद से नया उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि सजा के साथ ही दिलावर मीर अयोग्य घोषित हो गए हैं। ऐसे में पार्टी राफियाबाद से नया उम्मीदवार खड़ा करेगी।
राफियाबाद विधानसभा क्षेत्र में तीसरे चरण के तहत चुनाव होना है। वहां पर नामांकन 14 नवंबर से भरे जाएंगे और मतदान नौ दिसंबर को होना है।