जम्मू-कश्मीर में ओला-उबर की तर्ज पर डिजिटल टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। कंपनीज एक्ट अथवा पार्टनरशिप एक्ट के तहत पंजीकृत फर्म डिजिटल टैक्सी सेवा के लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेगी।
सूचना प्रौद्योगिकी में जम्मू-कश्मीर के पेशेवर लोगों के आवेदन को प्राथमिकता दी जाएगी। सेवा प्रदाता को पांच साल का लाइसेंस दिया जाएगा। शुक्रवार को मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम ने जम्मू और श्रीनगर जिलों के परिवहन अधिकारियों समेत परिवहन विभाग के आला अफसरों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
परिवहन विभाग की ओर से अधिसूचित नियमों के तहत आवेदक के लिए कम से कम तीन वर्ष तक इस क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव होना जरूरी होगा। इसके अलावा जीएसटी, पैन और न्यूनतम 50 टैक्सियों का पूल होना आवेदनकर्ता के लिए अनिवार्य है।
इसका किराया अधिसूचित दर से लेना होगा। सेवा परिचालन के अन्य नियम भी मानने होंगे, अन्यथा लाइसेंस कभी भी रद्द किया जा सकेगा।