मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की कथनी और करनी में फर्क है।
एक तरफ मुफ्ती विधानसभा चुनाव के शांतिपूर्ण होने का श्रेय पाक के अलावा अलगाववादी नेताओं और आतंकवादी संगठनों को दे रहे हैं तो दूसरी तरफ अलगाववाद से मुख्यधारा में लौटे निर्दलीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक दल के नेता का चुनाव होने के बाद मीर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उन्हें लगता है कि अलगाववाद से मुख्यधारा में लौटे निर्दलीय विधायक एवं पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन के साथ ठीक व्यवहार नहीं हो रहा है।
लोन के साथ कैबिनेट मंत्री के तौर पर बेहतर व्यवहार होना चाहिए ताकि वह जनता के साथ किए वादों को पूरा कर सकें। मीर ने कहा कि नार्थ और साउथ पोल गठबंधन की सरकार के शुरुआत में जिस तरह से विवादस्पद बयानबाजी हुई है, उससे अस्थिरता का माहौल रियासत में बना हुआ है। लोग भ्रमित हैं कि कभी भी कुछ हो सकता है।
ऐसे माहौल में जनता से जुड़े मुद्दे पीछे छूट रहे हैं। लोगों को बिजली, पानी, सड़क, राशन, रोजगार चाहिए। सबसे अहम बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास चाहिए, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद भाजपा से बेमेल गठबंधन करके विवादास्पद बयान देकर जनहित के मुद्दों से रियासत के लोगों को ध्यान भटका रहे है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों को राहत और पुनर्वास की जरूरत हैं लेकिन इस तरफ अभी तक पीडीपी भाजपा सरकार का ध्यान नहीं गया है।