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'पीडीपी से सभी मुद्दों पर हो रही है बातचीत'

Fri, 01 Apr 2016 11:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
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डॉ. ज‌ितेंद्र स‌िंह - फोटो : फाइल
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जम्मू-कश्मीर में नई सरकार का शपथ ग्रहण चैत्र नवरात्र में संभव है। वर्तमान में भाजपा और पीडीपी के बीच सरकार में हिस्सेदारी के मुद्दे पर बातचीत चल रही है। भाजपा मंत्रिमंडल में बराबरी का हक चाहती है, लेकिन पीडीपी अपने कोटे के मंत्रियों की संख्या घटाने के लिए तैयार नहीं है। इस कारण गतिरोध पैदा हुआ है, लेकिन दोनों दलों को उम्मीद है कि मामले को बातचीत से सुलझा लिया जाएगा।
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एक बार फिर पुराने फार्मूले पर ही सहमति के आसार दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ऐसा अक्सर होता है। किसी भी गठबंधन में स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत होती है। भाजपा ने पीडीपी को समर्थन संबंधी पत्र राज्यपाल को सौंप दिया है और पीडीपी इसके लिए भाजपा का आभार प्रकट कर चुकी है।

इसलिए अब कोई संशय की स्थिति नहीं है। पीडीपी और भाजपा गठबंधन की सरकार जल्द शपथ ग्रहण करेगी। मंत्रिमंडल में संख्या के सवाल पर डा. सिंह ने कहा कि सभी मुद्दों पर पीडीपी से बातचीत चल रही है। चैत्र नवरात्र की शुरुआत के बाद 8 से 15 अप्रैल के बीच मुख्यमंत्री के रूप में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती शपथ ले सकती हैं।
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मालूम हो कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के मंत्रिमंडल में सीएम समेत पीडीपी के 11 कैबिनेट मंत्री थे। भाजपा के हिस्से में कैबिनेट मंत्री के 8 पद आए थे। राज्य मंत्रियों के ओहदे में भाजपा को समानता मिली थी। दोनों दलों के तीन-तीन राज्यमंत्री थे। भाजपा अब तर्क दे रही है कि दोनों दलों में सदस्यों की संख्या अब बराबर है। इसलिए वह जूनियर पार्टनर के ओहदे से संतुष्ट नहीं है।

पीडीपी के 27 विधायक हैं और एक निर्दलीय का समर्थन प्राप्त है। इस तरह उसका आंकड़ा 28 पर पहुंचता है। भाजपा के 25, सज्जाद लोन की पार्टी के दो एमएलए और निर्दलीय पवन गुप्ता मिलाकर भाजपा की संख्या भी 28 है। उधर, पीडीपी अपने किसी मंत्री को हटाना नहीं चाहती। किसी मंत्री को हटाने से असंतोष और गुटबाजी पैदा हो सकती है।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती इस मामले में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती हैं। इस कारण समझौते का फार्मूला तय नहीं हो पा रहा है। वैसे केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि किसी मुद्दे पर अब कोई टकराव नहीं है।
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