टेक्निकल डिग्रियों की आड़ में पाकिस्तान कश्मीर के युवाओं को आतंकवाद का पाठ पढ़ा रहा है। पुलिस महानिदेशक ने खुलासा किया है कि छात्रों से फीस के रूप में ली जाने वाली रकम का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने में किया जा रहा है। वहां इन छात्रों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। बड़ी बात यह है कि शिक्षा के लिए पाकिस्तान जाने वाले छात्रों को अलगाववादियों की सिफारिश पर वीजा दिलाया जा रहा है।
वैद ने बताया कि घाटी से कुछ युवा डॉक्टरी और इंजीनियरिंग जैसी टेक्निकल डिग्रियां हासिल करने के लिए पकिस्तान जाते हैं। यह एक बड़ा प्लान है। ऐसे युवाओं का ब्रेन वॉश कर भारत विरोधी मानसिकता पैदा की जाती है। जानकारी में यह बात भी आई है कि वैध वीजा पर युवाओं को पाकिस्तान ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है। ट्रेनिंग के बाद उन्हें घाटी में वापस लाया जाता है। इसके बाद उन्हें हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस द्वारा कई युवाओं से पूछताछ में यह बात सामने आई है।
वैद ने युवाओं को वीजा दिलाने के पीछे पाकिस्तानी उच्चायुक्त को अलगाववादियों द्वारा की जाने वाली सिफारिश बताया है। उन्होंने घाटी के अलगाववादियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां कुछ ऐसे नेता हैं जिनकी सिफारिश पर इन युवाओं को पाकिस्तानी एंबेसी से वीजा प्राप्त हो पाता है।
सोशल मीडिया से फंसा रहे जाल में
डीजीपी ने बताया कि घाटी के युवाओं को फंसाने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें फेसबुक सबसे आगे है। सीमा पार बैठे कुछ लोग फेसबुक पर फ्रेंडशिप ऑफर करते हैं। युवाओं को चैट के जरिये उनमें कट्टरपंथी सोच पैदा कर उन्हें आतंकवाद में शामिल होने के लिए उकसाते हैं।
नियंत्रण रेखा पर चौकसी के बाद पाकिस्तान का नया
नियंत्रण रेखा पर बढ़ाई गई चौकसी के बाद से पाकिस्तानी एजेंसियों ने युवाओं को किसी न किसी बहाने से वैलिड वीजा दिलाकर पासपोर्ट पर पाकिस्तान भेजने का नया ट्रेंड शुरू करवाया था। इसके पीछे घाटी के अलगाववादियों का बड़ा हाथ माना जा रहा है।
पिछले साल पकड़ा गया था सरगना
पिछले वर्ष दो फरवरी को पुलिस ने उत्तरी कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था जो युवाओं को आतंकवाद में शामिल करने के लिए बहकाता था। वह भी यही फार्मूला अपनाता था। इस मॉड्यूल का सरगना सोपोर का अब्दुल रशीद भट था जिसे अन्य दो साथियों समेत गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उस समय इन लोगों के बहकावे में आए करीब 10 युवाओं को बचाया था।