जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) के राजेंद्रा कुमार को तीन महीने की एक्सटेंशन मिल गई है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।
मई 2014 से जम्मू-कश्मीर पुलिस की कमान संभाल रहे के राजेंद्रा कुमार 1984 बैच के आईपीएस अफसर हैं। राज्य में वर्ष 1990 में आतंकवाद का दौर शुरू होने से लेकर अब तक किसी डीजीपी को एक्सटेंशन देने का फैसला पहली मर्तबा लिया गया है।
एक्सटेंशन के फैसले को पिछले दो महीने से घाटी में बने हालात से जोड़कर देखा जा रहा है। के राजेंद्रा कुमार की जगह डीजीपी की दौड़ में शामिल 1986 बैच के आईपीएस अफसर एसपी वैद को डायरेक्टर जनरल आफ प्रिजंस के बजाय डीजीपी लॉ एंड आर्डर एंड कोआर्डिनेशन की नियुक्ति मिली है।
1985 बैच के आईपीएस अफसर एसके मिश्रा को फिर से डायरेक्टर जनरल आफ प्रिजंस बनाया गया है। नागरिक प्रशासन के शीर्ष स्तर पर भी फेरबदल को हरी झंडी दी गई। आईएएस अफसर बीबी व्यास को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। व्यास अब नवीन चौधरी की जगह लेंगे।