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डीजीपी बोले: कुपवाड़ा में आतंकवाद लगभग समाप्त, कश्मीर में बचे आतंकियों के खात्मे का समय निकट

Sat, 03 Sep 2022 02:42 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि इस वर्ष घुसपैठ न के बराबर है, कुछ घुसपैठ के प्रयास हुए जिन्हें बड़ी सख्ती से निपटा गया और नाकाम किया गया। कुछ चंद एक घुसपैठ की कोशिशें सफल भी हुईं, जिसको लेकर सेना और सीआरपीएफ  के आला अधिकारियों के साथ चर्चा भी की।
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डीजीपी दिलबाग सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार
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एलओसी पर घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत किया जाएगा। कुपवाड़ा में जीरो मिलिटेंसी है, इसका श्रेय यहां की अवाम को जाता है जिसने आतंकवाद की राह को त्यागा है। वर्तमान में आतंकवादियों की संख्या पिछले तीन वर्षों के मुकाबले एक तिहाई रह गई है। यह बातें डीजीपी दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को कुपवाड़ा में सुरक्षा समीक्षा बैठक के बात पत्रकारों से बात करते हुए कहीं।

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डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि इस वर्ष घुसपैठ न के बराबर है, कुछ घुसपैठ के प्रयास हुए जिन्हें बड़ी सख्ती से निपटा गया और नाकाम किया गया। कुछ चंद एक घुसपैठ की कोशिशें सफल भी हुईं, जिसको लेकर आज हमने सेना और सीआरपीएफ  के आला अधिकारियों के साथ चर्चा भी की।

उन्होंने कहा कि हमारी घुसपैठ विरोधी ग्रिड एलओसी पर पहले से बहुत मजबूत है और उसमें और मजबूती लाने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। डीजीपी ने कहा कि कुपवाड़ा के आवाम को मुबारक है कि यहां जीरो मिलिटेंसी है और हम चाहते हैं कि इसे ऐसे ही रखा जाए।
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उन्होंने कहा कि यहां के युवाओं को भी मुबारक है, जिन्होंने अमन के साथ अपने आपको जोड़ा है। उन्हें चाहिए कि वो सीमा पार से की जाने वाली किसी तरह की साजिशों का शिकार न हो और किसी के बहकावे में न आएं। वो हमारे आवाम के हक में नहीं है।

उन्होंने कहा, कश्मीर के लोगों ने बड़े पैमाने पर आतंकवाद के चलते नुकसान उठाया है और आज अमन के साथ खड़े रहकर उसकी भरपाई की जा सकती है। डीजीपी दिलबाग सिंह ने यह भी कहा कि नशा तस्करी में पहले से ज़्यादा बढ़ोतरी हुई है।

यहां आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान इसका इस्तेमाल कर रहा है। वो तस्करी के जरिये आतंकवाद की फंडिंग कर रहा है और यहां के नौजवानों को नशे का शिकार बना रहा है। इससे हमारा भविष्य खतरे में है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह सामाजिक कार्यकर्ताओं और धर्म गुरुओं की जिम्मेदारी बनती है कि वो नशे के खिलाफ  प्रचार करें ताकि युवाओं को इससे अवगत कराया जा सके। डीजीपी ने पिस्तौल जैसे छोटे हथियारों को लेकर कहा कि पिस्तौल को लाना ले जाना बेहद आसान होता है।

इसी पिस्तौल से शहरी क्षेत्र में आतंकवाद को चलाना बेहद आसान है। श्रीनगर में भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि काफी संख्या में पाकिस्तान से आई पिस्तौलों और ग्रेनेड को पुलिस पकड़ चुकी है।

इसके साथ एके 47 और अन्य हथियार भी पकडे़ गए हैं। कई पिस्तौलें पकड़ी गई हैं और कई हाइब्रिड आतंकवादी भी मारे गए हैं जो इसका इस्तेमाल करते थे।

जो आतंकी बचे हैं, उन्हें मारने का समय भी आ चुका

एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि जितने आतंकवादी तीन साल पहले थे उनके मुकाबले आज इनकी संख्या एक तिहाई पहुंच गई है। आतंकवाद का अधिक सफाया हो चुका है, जिसका श्रेय आवाम को जाता है, क्योंकि वो अमन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब जो आतंकी बच गए हैं, उन्हें मारने का भी समय आ चुका है। पुलिस को सुविधा मुहैया कराने को लेकर उन्होंने कहा, जल्द ही सुविधाओं को भविष्य में बढ़ाया जाएगा।  

हमलावरों की पहचान हो गई, जल्द मार गिराएंगे

दक्षिण कश्मीर में हुए हमले को लेकर डीजीपी ने कहा कि सरहद पार से की गई साजिशों के चलते यहां के कुछ लोग पाकिस्तान की एजेंसियों के हाथ का खिलौना बनकर खेलते हैं और अपनी जिंदगी गंवाते हैं।

उन्होंने कहा कि जिसने घटना को अंजाम दिया है उसे पहचान लिया गया है और जल्द ही उसे मार गिराया जाएगा। दिलबाग सिंह ने कहा कि किसी भी बाहरी को मारने को कोई भी मजहब न्यायोचित नहीं ठहराता और जो कश्मीर के लोग बाहर काम करने जाते हैं, क्या उन्हें वापस बुला लेना चाहिए।   

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